डेस्क: अगर आप भी अपनी जरूरतों के लिए अक्सर ATM का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए। 1 अप्रैल 2026 से देश के तीन बड़े बैंक— HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बंधन बैंक— अपनी एटीएम पॉलिसी और ट्रांजैक्शन फीस में बड़े बदलाव लागू कर रहे हैं। इन नए नियमों का सीधा असर आपके बैंक बैलेंस और डेली कैश लिमिट पर पड़ेगा।
1. HDFC बैंक: UPI से कैश निकालना अब फ्री नहीं
HDFC बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अब अगर आप ATM पर बिना कार्ड के UPI के जरिए कैश निकालते हैं तो इसे भी आपकी मासिक फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिना जाएगा। फ्री लिमिट खत्म होने के बाद हर अतिरिक्त निकासी पर आपको ₹23 + जीएसटी (Tax) देना होगा। पहले UPI निकासी को इस लिमिट से बाहर रखा गया था।
2. पंजाब नेशनल बैंक (PNB): कैश निकालने की लिमिट आधी
PNB ने सुरक्षा और अन्य कारणों से अपने डेबिट कार्ड्स की डेली कैश लिमिट में भारी कटौती की है। रोजाना कैश निकालने की सीमा ₹1 लाख से घटाकर अब केवल ₹50,000 कर दी गई है। बड़े कार्ड्स पर लिमिट ₹1.5 लाख से घटाकर ₹75,000 कर दी गई है। अब बड़ी रकम निकालने के लिए ग्राहकों को कई बार चक्कर लगाने होंगे।
3. बंधन बैंक: ट्रांजैक्शन फेल होने पर भी जुर्माना
बंधन बैंक ने फीस और फ्री लिमिट का नया ढांचा तैयार किया है। अपने ATM पर महीने में 5 फ्री ट्रांजैक्शन। दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे। लिमिट के बाद फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर ₹23 और नॉन-फाइनेंशियल (बैलेंस चेक आदि) पर ₹10 लगेंगे। अगर आपके खाते में बैलेंस कम है और ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है तो बैंक आपसे ₹25 का एक्स्ट्रा चार्ज वसूलेगा।
मेट्रो और नॉन-मेट्रो का गणित
बैंकिंग नियमों के अनुसार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को मेट्रो शहर माना गया है। इन शहरों में रहने वाले ग्राहकों के लिए फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या कम होती है जबकि बाकी शहरों (नॉन-मेट्रो) में थोड़ी ज्यादा राहत मिलती है।
