नई दिल्ली | केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में प्रमोशन में देरी और IPS अधिकारियों की डेपुटेशन पोस्टिंग को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर ‘AAPWA’ ने 23 मार्च को जंतर-मंतर पर धरना देने का ऐलान किया है।
अधिकारियों का आरोप है कि असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में भर्ती होने के बाद 16 साल तक भी पहला प्रमोशन नहीं मिलता, जबकि IPS अधिकारी कम समय में DIG बनकर CAPF में अहम पदों पर तैनात हो जाते हैं। करीब 13 हजार CAPF अधिकारी इस समस्या से प्रभावित हैं।
पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, यह CAPF बनाम IPS की लड़ाई नहीं, बल्कि कैडर रिव्यू में देरी और सीमित पदों की वजह से पैदा हुई समस्या है।
करीब 13 साल की कानूनी लड़ाई के बाद Supreme Court of India ने 2025 में CAPF के पक्ष में फैसला दिया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। मामले में अगली सुनवाई 1 अप्रैल 2026 को होगी।
अधिकारियों की मुख्य मांग है कि CAPF को Organized Group-A Service (OGAS) का दर्जा दिया जाए और पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाए।
आशुतोष झा
