नई दिल्ली: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन परिसर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर बस और ट्रक बॉडी मैन्युफैक्चरिंग उद्योग से जुड़ी समस्याओं को उठाया। यह बैठक उस समय हुई जब राजस्थान से आए उद्योग प्रतिनिधियों के एक डेलिगेशन ने अपनी चिंताएं कांग्रेस नेताओं के सामने रखीं।
डेलिगेशन की समस्याएं बनीं बैठक की वजह:
जानकारी के अनुसार, बस और ट्रक बॉडी बनाने वाले कारोबारियों ने नए नियमों और नीतिगत बदलावों से आ रही दिक्कतों को लेकर राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी उन्हें साथ लेकर नितिन गडकरी के पास पहुंचे, ताकि सीधे स्तर पर समाधान की दिशा में बात हो सके।
नियमों और कारोबार पर असर पर चर्चा:
बैठक के दौरान उद्योग से जुड़े नियमों, संभावित बदलावों और उनके कारोबार पर पड़ रहे असर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि सरकार तक उद्योग की बात पहुंचाने और समाधान निकालने के उद्देश्य से यह मुलाकात अहम रही।
संसद में दिखी अलग तस्वीर:
इस बीच संसद में भी एक अलग माहौल देखने को मिला, जब नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को विदाई दी। उन्होंने राजनीति को “ओपन यूनिवर्सिटी” बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में अनुभव की हमेशा जरूरत रहती है और राजनीति में कभी ‘फुल स्टॉप’ नहीं होता।
क्या है इसका संकेत?
राहुल-प्रियंका और गडकरी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उद्योग जगत से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष और सरकार के बीच संवाद की जरूरत महसूस की जा रही है। इसे एक सकारात्मक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां राजनीतिक मतभेदों के बावजूद जनहित के मुद्दों पर बातचीत जारी है।
आशुतोष झा
