डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब लगभग खत्म होने के करीब है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कब तक पूरी तरह समाप्त होगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में दुनिया की तेल आपूर्ति को बाधित नहीं होने देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति रोकने या दुनिया को दबाव में लेने की कोशिश करेगा तो उसे और भी कड़ी सजा दी जाएगी, जिससे वह कभी उबर नहीं पाएगा।
युद्ध खत्म होने के संकेत से गिरी तेल की कीमतें
ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। जब उनसे पूछा गया कि क्या “जल्द” का मतलब एक हफ्ते के भीतर है, तो ट्रंप ने कहा कि ऐसा नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि युद्ध काफी जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक गणराज्य की सेना को भारी नुकसान हुआ है और उसकी सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
ईरान पर मिडिल ईस्ट में कब्जे की योजना का आरोप
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान की योजना पूरे मिडिल ईस्ट पर प्रभाव बढ़ाने और इजराइल को खत्म करने की थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सही समय पर हस्तक्षेप कर इस योजना को रोक दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस अभियान में शामिल होने पर अमेरिका को गर्व है। साथ ही उन्होंने बताया कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान के कुछ बिजली उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाने से परहेज किया है। लेकिन अगर ईरान सहयोग नहीं करता तो इन ठिकानों पर भी हमला किया जा सकता है।
अभी भी कई बड़े लक्ष्य बाकी
फ्लोरिडा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने जानबूझकर कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्यों को अभी नहीं छेड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इन ठिकानों पर हमला किया जाएगा और अगर ऐसा हुआ तो उन्हें दोबारा बनाने में कई साल लग जाएंगे। इन लक्ष्यों में बिजली उत्पादन केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे शामिल हैं।
युद्ध खत्म होने से तेल की कीमतें कम होंगी
ट्रंप का कहना है कि इस सैन्य अभियान का एक बड़ा उद्देश्य वैश्विक जहाजरानी और तेल आपूर्ति के लिए पैदा हुए खतरे को खत्म करना भी है। उनके अनुसार जब यह खतरा खत्म होगा तो दुनिया भर में तेल की कीमतें कम होंगी, जिससे अमेरिकी परिवारों को भी पेट्रोल और गैस सस्ती मिलेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस अस्थायी संकट के दौरान अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले तेल टैंकरों को राजनीतिक जोखिम बीमा दे रहा है। इसके अलावा कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए अमेरिका ने तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में ढील भी दी है।
जरूरत पड़ने पर टैंकरों को सुरक्षित निकालेंगे
ट्रंप ने कहा कि जब समय आएगा तो अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी देशों की नौसेनाएं महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों को सुरक्षित निकालेंगी ताकि वैश्विक तेल सप्लाई बाधित न हो। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस अभियान में अपनी प्रारंभिक समयसीमा से भी आगे निकल चुका है।
ईरान के अगले नेता के चयन में भी दिलचस्पी
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के अगले नेता के चयन की प्रक्रिया में भी रुचि रखते हैं। उनका कहना था कि अमेरिका ऐसा राष्ट्रपति नहीं चाहता जो कठिन फैसले लेने से पीछे हटे। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि पांच या दस साल बाद भी दुनिया इसी तरह के संकट में फंसी रहे।
ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता नष्ट होने का दावा
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने मिलकर अपनी सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी नौसेना को भी गंभीर नुकसान हुआ है। ट्रंप ने दावा किया कि इस अभियान में 46 जहाज नष्ट कर दिए गए हैं और कई आतंकी नेताओं को मार गिराया गया है।
दुश्मन की पूरी हार तक जारी रहेगा अभियान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि जब तक दुश्मन को पूरी तरह और निर्णायक रूप से पराजित नहीं कर दिया जाता, तब तक अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने कहा कि कई मायनों में अमेरिका ने जीत हासिल कर ली है, लेकिन अभी अंतिम जीत बाकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस लंबे समय से बने खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए पहले से भी अधिक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका दुनिया का सबसे शक्तिशाली और असाधारण देश है और अब वह किसी भी दुष्ट ताकत या आतंकवादी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
