डेस्क: सोशल मीडिया(social media) पर इन दिनों “Sanju Samson ban” तेजी(trending rapidly) से ट्रेंड कर रहा है। इसकी वजह हाल ही में खेले गए मैच के बाद भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज(wicketkeeper-batsman) Sanju Samson का जश्न है।दरअसल, वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जीताने वाली पारी के बाद कोलकाता के ऐतिहासिक(historic Eden Gardens ground in Kolkata) Eden Gardens मैदान में सैमसन ने जीत का चौका लगाने के बाद हेलमेट उतारकर जमीन पर फेंक दिया और घुटनों के बल बैठकर भगवान का शुक्रिया (thanked God.)अदा किया।
इसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या यह जश्न क्रिकेट उपकरण के दुरुपयोग के नियम के तहत आता है और क्या इस वजह से सैमसन पर बैन लग सकता है, खासकर जब भारत को सेमीफाइनल में इंग्लैंड का सामना करना है।
क्या कहता है ICC का नियम
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था International Cricket Council (ICC) की कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार खिलाड़ियों को क्रिकेट उपकरण का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
इसमें शामिल हैं:
हेलमेट, बैट या स्टंप को गुस्से में फेंकना
मैदान या स्टेडियम की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
उपकरण के साथ आक्रामक व्यवहार
ऐसे मामलों को आमतौर पर लेवल-1 अपराध माना जाता है।
लेवल-1 अपराध में क्या सजा होती है
मैच फीस का अधिकतम 50% तक जुर्माना
1 से 2 डिमेरिट प्वाइंट
अधिकतर मामलों में खिलाड़ियों को सिर्फ जुर्माना या डिमेरिट प्वाइंट मिलता है, सीधे मैच बैन बहुत कम दिया जाता है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
हाल ही में स्कॉटलैंड के बल्लेबाज George Munsey को आउट होने के बाद हेलमेट फेंकने पर एक डिमेरिट प्वाइंट दिया गया था।इससे साफ है कि ICC ऐसे मामलों की समीक्षा जरूर करता है, लेकिन हर बार कड़ी सजा नहीं दी जाती।
क्या इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से बाहर हो सकते हैं सैमसन?
तकनीकी तौर पर मैच रेफरी को लगता है कि हेलमेट फेंकना नियम का उल्लंघन है, तो कार्रवाई संभव है।लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह जश्न गुस्से में नहीं बल्कि खुशी में किया गया थामैदान या उपकरण को कोई नुकसान नहीं हुआऐसे मामलों में आमतौर पर बैन नहीं दिया जाताइसलिए फिलहाल यह संभावना काफी कम है कि Sanju Samson को सेमीफाइनल से पहले सस्पेंड किया जाएगा।
फिलहाल क्या है स्थिति
अब तक International Cricket Council की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई नहीं हुई है।यानी फिलहाल “Sanju Samson ban” ट्रेंड सोशल मीडिया की अटकलों पर ज्यादा आधारित है, न कि किसी आधिकारिक फैसले
