
बीकेटी/ लखनऊ। इक्यावन शक्तिपीठ मन्दिर में श्रीमद भागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। आज जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने भागवत भक्तों को आशीर्वाद दिया।

छठे दिवस की भागवत कथा में कौशिक चैतन्य जी महराज ने कहा कि इस मानव जीवन को सफल करने के लिए किसी सदगुरू के सानिध्य में रहना अति आवश्यक है। एक अच्छा सच्चा सदगुरू अपने शिष्य के मनोविकारों को दूर करता है। उसे जन्मजन्मांतर के झंझावतों से मुक्ति पाने की राह दिखाता है।

इसी कड़ी में जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि स्वामी यतींद्रानंद गिरी जी महराज ने कहा कि धर्म हमारी रक्षा करता है। धर्म है तो देश है, समाज है। इसलिए धर्म और संस्कृति से जुड़कर रहिए। देश बड़ी विषम परिस्थितियों में उलझ रहा है।

आज भगवान श्री कृष्ण के जन्म का प्रसंग बड़ा ही मनोहारी हो गया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी के दौरान नमन तिवारी ने वासुदेव की भूमिका निभाई। नमन अपने सिर पर नवजात श्रीकृष्ण को लेकर यमुना मैया को पार किया। इस दृश्य को देखकर भक्तों में बड़ा उल्लास हुआ। तमाम महिलाएं और पुरुष खुशी से झूमने लगे। मंच से बधाइयां बजने लगीं।
भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी के विवाह में अनेकानेक भक्तों ने कन्यादान की रस्म निभाई। इस हर्षोल्लास के अवसर पर महिलाओं ने भजनों ओर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया।
भागवत कथा की यजमान 51 शक्तिपीठ मन्दिर के निर्माता पण्डित रघुराज दीक्षित की धर्मपत्नी पुष्पा दीक्षित हैं। जबकि तृप्ति तिवारी, वरद तिवारी, तनय तिवारी, स्तुति तिवारी, नमन तिवारी, सौम्या तिवारी, समाजसेवी नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान, आचार्य धनंजय पांडे, आचार्य देवेश शुक्ला व गीता पांडे कथा व्यवस्था में जुटे हैं।
कल की कथा में राष्ट्र रक्षा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत बिसेन, सभासद मनोज रावत, संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री इतेंद्र सिंह चौहान व जबलपुर के सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
