युवा राष्ट्र की मूल धुरी एवं भविष्य, 2047 के विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की रहेगी अग्रिम भूमिका- सांसद डॉ. धर्मशिला गुप्ता

दरभंगा : युवाओं की क्षमता, ऊर्जा एवं जज्बे को सकारात्मक दिशा में परिवर्तित करना हम सबकी बड़ी जिम्मेदारी है। आधुनिकता के दौर में युवा अपनी संस्कृति एवं संस्कारों को भी न भूलें। हमें अपने पूर्वजों की कुर्बानियों को याद कर भारत को महान देश एवं विश्वगुरु बनाना है। उक्त बातें दरभंगा की राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशिला गुप्ता ने माय भारत, दरभंगा एवं एनएसएस कोषांग, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में विकसित भारत युवा संसद-2026 प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में कही। डॉ. गुप्ता ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि युवा हमारे राष्ट्र की मूल धुरी और भविष्य हैं। 2047 के विकसित भारत निर्माण युवाओं की अग्रिम भूमिका रहेगी। 25 जून, 1975 से 77 के बीच लगे आपातकाल में भारत माता को जंजीरों में बांधा गया था। इस दौरान न केवल विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला गया, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ- मीडिया को बैन कर आम लोगों एवं कोर्ट के अधिकारों पर भी प्रहार किया गया था। हमारे प्रधानमंत्री ने विशेष कर युवाओं, महिलाओं एवं गरीबों के लिए विकास का द्वार खोल दिया है। आज सरकार द्वारा युवाओं के लिए शिक्षा एवं रोजगार की तेजी से व्यवस्था की जा रही है। हमारे युवा ज्ञानवान, शक्तिमान एवं क्षमतावान हैं। हमारी सकारात्मक सरकार उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान कर रही है। इसी मिथिला विश्वविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय वाणिज्य विभाग का नया गेट एवं गार्ड रूम का काम आगामी अप्रैल से उनके ऐच्छिक कोष से तथा महिला प्रौद्योगिकी संस्थान का इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण भी शीघ्र ही शुरू हो जाएगा।


उद्घाटन संबोधन में पूर्व विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए कुशल नेतृत्व की जरूरत होती है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय स्तर पर एवं राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशिला गुप्ता प्रांतीय स्तर पर युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। आज हर क्षेत्र में ऐसे सफल नेतृत्व की आवश्यकता है। हमें इन युवाओं में ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य दिखता है। इस प्रतियोगिता से युवाओं में नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी जो देश को आगे बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगा।


मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व कुलसचिव प्रो. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि हमारे देश के कर्णधार युवा ही राष्ट्र का भविष्य निर्धारण करेंगे। इनके बल पर ही भारत विकसित देश एवं विश्वगुरु बनेगा। आज हमें युवाओं को पुनः निखारने, संवारने और जगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा विकसित भारत-2047 के लिए नींव के पत्थर हैं। हम अपनी संस्कृति, विरासत, दर्शन एवं संस्कार के कारण महान थे, हैं और रहेंगे।


अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश कराते हुए एनएसएस समन्वयक डॉ. आरएन चौरसिया ने कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं को संसद जैसी संरचना में विचार रखने का अवसर देती है, जिससे उनकी न केवल वक्तृत्व कला और तार्किक क्षमता विकसित होती है, बल्कि उन्हें लोकतंत्र की बारीकियों एवं जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी मिलता है। इसका उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना, राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करना तथा लोकतंत्र की चुनौतियों एवं सबक पर चर्चा करना है। इससे युवाओं में नीति निर्माण, आत्मविश्वास, वाकपटुता, समय-प्रबंधन एवं नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों का स्वत: विकास होता है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है। आज युवा केवल श्रोता या दर्शक ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के सक्रिय सहभागी भी हैं।
कार्यक्रम में यूथ आइकॉन के रूप में एनएसएस स्वयंसेवक अक्षय कुमार झा ने युवाओं के विकास हेतु विभिन्न प्लेटफार्मों की विस्तार से चर्चा करते हुए माय भारत पोर्टल का महत्व बताया और कहा कि भारत आज तेजी से उभरता हुआ राष्ट्र है, जिसे हमारे युवा गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपातकाल से हमें बहुत बड़ी सीख मिली है। लोकतंत्र में वास्तविक सत्ता जनता के पास होती है।
अध्यक्षीय संबोधन में माय भारत, दरभंगा के जिला युवा समन्वयक राकेश कुमार ने प्रतियोगिता के नियमों एवं आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 2017 से ही चल रहा है जो जिला, राज्य एवं राष्ट्र स्तर पर आयोजित की जाती है। इसमें माय भारत पोर्टल पर पंजीकृत युवा ही भाग ले सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हमारे युवा फिजिकली, मेंटली एवं डिजिटल आगे बढ़े और राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल होकर भारत को 2047 तक विकसित बनाएं। आज युवा देश की नीति निर्धारण एवं सक्रिय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रतियोगिता का उद्घाटन दीप प्रज्वलन से हुआ। अतिथियों का स्वागत पाग, चादर, मोमेंटो एवं बुके से किया गया। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय वाणिज्य एवं प्रबंधन के विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार साह ने किया।
