अंतरराष्ट्रीय

ब्राजील में भीषण बाढ़ से अब तक 46 लोगों की मौत, विचलित कर रहा मंजर

डेस्क: दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील (Brazil) में कुदरत का भयानक कहर (terrible havoc) देखने को मिल रहा है। दक्षिण-पूर्व ब्राजील में भीषण बाढ़ (great flood) से लगातार मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। अब तक 46 लोगों की मौत हो गई। कई लोग लापता है, जिनको तलाश जारी है। वहीं सैकड़ों लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर है। दक्षिणपूर्वी ब्राजील के मिनास गेरैस राज्य में आई भीषण बाढ़ में लगातार मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है।

भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से हाहाकार

ब्राजील के दक्षिणी भाग में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ से तबाही मचने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में और अधिक बारिश होने की आशंका है। इधर, मिनास गेरैस राज्य में बचाव अभियान जारी है। बचाव कर्मचारी स्थिति पर काबू पाने के लिए कोशिश कर रहे हैं। बचाव अभियान पूरी तेजी से जारी है और घर व कस्बे कीचड़ और मलबे से ढके हुए हैं।

अब तक 3600 लोग विस्थापित

इससे पहले बुधवार को ब्राजील के अग्निशमन विभाग ने मृतकों की संशोधित संख्या प्रकाशित की और बताया कि लगभग 21 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य अग्निशमन विभाग द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार ब्राजील के दक्षिणपूर्वी राज्य मिनास गेरैस में भारी बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है। दमकल विभाग ने बताया कि लगभग 110 किलोमीटर (68 मील) की दूरी पर स्थित जुइज डे फोरा और उबा शहरों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण लगभग 3,600 लोग विस्थापित हो गए, जबकि 21 लोग अभी भी लापता हैं।

11 वर्षीय लड़के का किया अंतिम संस्कार

मृतकों में 11 वर्षीय बर्नार्डो लोपेस दुत्रा भी शामिल था, जिसका घर बारिश के कारण ढह गया था। वहीं दुत्रा की पत्नी और बेटी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। पिता रिकार्डो दुत्रा ने जुइज डी फोरा ने अंतिम संस्कार के दौरान कहा कि यह एक ऐसी त्रासदी है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बर्नार्डो को एक बड़े दिल वाला लड़का बताया, जिसने अपने अनोखे अंदाज में अपने आस-पास के सभी लोगों को प्रभावित किया।

इधर, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने मंगलवार को कहा कि सुरक्षा बलों को बचाव अभियान में लगाया गया है और वे बारिश से प्रभावित आबादी को तत्काल सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य देखभाल दल भी उस क्षेत्र में भेजे गए हैं, जो पहाड़ियों, घाटियों और ढलानों के निकट स्थित है।

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