अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप का सनसनीखेज दावा: मैं न होता तो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मर जाते पाकिस्तान के PM ! 3.5 करोड़ लोगों का भी यही कहना

डेस्क: व्हाइट हाउस में अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के पहले 10 महीनों में “आठ युद्ध समाप्त कराए।”उन्होंने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि  “कंबोडिया-थाईलैंड, पाकिस्तान-भारत   यह परमाणु युद्ध बन सकता था। 3.5 करोड़ लोगों ने कहा कि अगर मेरा हस्तक्षेप नहीं होता तो  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मौत हो जाती।”

पुराना दावा फिर दोहराया

कुछ महीनों पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी कथित तौर पर कहा था कि अमेरिकी हस्तक्षेप के बिना “35 मिलियन पाकिस्तानियों” की जान खतरे में पड़ सकती थी।  हालांकि भारत ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। ट्रंप के ताजा बयान से दक्षिण एशिया की कूटनीतिक बहस फिर तेज हो सकती है।

“आठ युद्ध खत्म किए” ट्रंप की सूची

ट्रंप ने अपने भाषण में जिन संघर्षों को समाप्त कराने का दावा किया, उनमें शामिल हैं:

पाकिस्तान–भारत
कोसोवो–सर्बिया
इजरायल–ईरान
मिस्र–इथियोपिया
आर्मेनिया–अजरबैजान
कांगो–रवांडा
गाजा युद्ध
उन्होंने यह भी कहा कि वह रूस यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।

“अमेरिका फर्स्ट” और घरेलू एजेंडा

ट्रंप ने कहा कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने “ऐतिहासिक बदलाव” देखा है। उन्होंने अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि “फैक्ट्रियां, नौकरियां और ट्रिलियन डॉलर का निवेश अमेरिका में आ रहा है, क्योंकि अब हमारे पास ऐसा राष्ट्रपति है जो अमेरिका फर्स्ट रखता है।” उन्होंने दवा की कीमतें घटाने, हाउसिंग नीति में सुधार और सीमा सुरक्षा को लेकर भी अपनी उपलब्धियां गिनाईं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत बड़ी वॉल स्ट्रीट निवेश फर्मों को हजारों सिंगल-फैमिली घर खरीदने से रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि  “घर लोगों के लिए हैं, कॉरपोरेशनों के लिए नहीं।”

राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स ने होमलैंड सिक्योरिटी के फंड में कटौती की है।उन्होंने मांग की कि सीमा सुरक्षा और होमलैंड सिक्योरिटी के लिए तुरंत पूरा फंड बहाल किया जाए।उन्होंने ड्रग कार्टेल्स को लेकर भी कड़ा रुख दिखाया और पश्चिमी गोलार्ध में “अमेरिकी प्रभुत्व” बहाल करने का संकल्प दोहराया। ट्रंप का यह भाषण ऐसे समय आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल और वैश्विक तनाव दोनों चरम पर हैं। उन्होंने खुद को “शांति स्थापित करने वाला” नेता बताया, लेकिन उनके दावों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।

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