डेस्क: सीरीज ‘कोहरा 2’ अब नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। पूजा भामर्रा अपने करियर के सबसे दमदार और भावनात्मक रोल में प्रीत बाजवा का किरदार निभा रही हैं। यह एक ऐसी महिला की कहानी है, जो पितृसत्ता, चुप्पी और त्याग के बीच जीती है, लेकिन अंत में खुद को चुनने का साहस करती है।
इस सीजन में प्रीत की कहानी एक ऐसे परिवार में दिखाई गई है जहां पुरुषों का दबदबा है। कई सालों तक उसने एक बेटी, बहन, पत्नी और मां के रूप में दूसरों की उम्मीदों के अनुसार जीवन जिया। वह चुप रही, समझौता करती रही और खुद को दूसरों की इच्छा के अनुसार ढालती रही। लेकिन जब उसके परिवार की सच्चाई सामने आने लगती है, तब उसे कड़वी हकीकत का सामना करना पड़ता है। जिन लोगों पर उसने भरोसा किया, वही उसे धोखा देते हैं। उसे महसूस होता है कि अब चुप रहना और भी भारी पड़ रहा है। अपने सबसे कठिन समय में वह एक फैसला लेती है। यह फैसला गुस्से में नहीं, बल्कि खुद को बचाने के लिए लिया जाता है और यही फैसला उसकी ज़िंदगी बदल देता है।
हाल ही में अपने किरदार के बारे में पूजा ने कहा- “प्रीत बाजवा एक साधारण पंजाबी परिवार से आती है, जहां पुरुषों का राज चलता है। उसने अपनी ज़िंदगी पहले अपने भाई और फिर अपने पति की बात मानकर बिताई। लेकिन अब वह अपनी ज़िंदगी की कमान खुद लेना चाहती है। अब उसे इस बात की चिंता नहीं है कि लोग क्या कहेंगे। वह पहली बार अपने लिए जीना चाहती है। उसके लिए अब बाकी सब बातें पीछे हैं। लोग क्या सोचेंगे, परिवार क्या सोचेगा- अब उसे फर्क नहीं पड़ता। यहां तक कि उसका पति और बच्चे भी नहीं। वह अपने फैसलों को लेकर किसी के डर में नहीं है। अब वह खुलकर जीना चाहती है। आगे क्या होगा, यह जानने के लिए आपको यह धारावाहिक देखना होगा।”
पूजा के लिए प्रीत का किरदार निभाना आसान नहीं था। वह कहती हैं, “जब कहानी अच्छी लिखी होती है तो काम आसान हो जाता है। सबसे पहले हमने अपने निर्देशकों सुदीप सर और फैसल के साथ लंबी बातचीत की। उन्होंने मुझे प्रीत के बारे में बहुत सरल तरीके से समझाया। फिर हमारे अभिनय शिक्षक नितिन गोयल के साथ अभ्यास हुआ। उन्होंने मुझे और रणविजय को हमारे किरदार और उनके रिश्ते को समझने में बहुत मदद की। यह अनुभव बहुत खास था, लेकिन भावनाओं के कारण थकाने वाला भी था।”
कहानी में पति-पत्नी के रिश्ते को सही तरीके से दिखाने के लिए काफी तैयारी की गई। इन अभ्यासों से पूजा और रणविजय ने अपने किरदारों के बीच के तनाव और भावनाओं को सच्चाई के साथ दिखाया।
‘कोहरा 2’ में पूजा भामर्रा सिर्फ अभिनय नहीं कर रहीं, बल्कि एक ऐसी महिला की कहानी दिखा रही हैं जो अपनी ज़िंदगी खुद चुनती है। प्रीत बाजवा की कहानी सच्ची, भावुक और हिम्मत देने वाली है। उनका अभिनय दर्शकों के दिल में लंबे समय तक बना रहेगा।
