डेस्क: बांग्लादेश (Bangladesh) में आंदोलन के बाद पहली बार राष्ट्रीय चुनाव (National elections) हुए. लोगों ने संसद और संविधान बदलाव पर वोट डाला. बांग्लादेश के नागरिकों ने तारिक रहमान (Tarique Rahman) की पार्टी बीएनपी (BNP) पर भरोसा जताया है, जबकि अवामी लीग चुनाव में शामिल नहीं हुई.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरपर्सन तारिक़ रहमान ने बांग्लादेश के 13वें पार्लियामेंट्री चुनाव में जीत का दावा किया है. पूर्व प्रधानमंत्री और BNP चेयरपर्सन बेगम खालिदा ज़िया के बेटे तारिक़ रहमान ने 9 जनवरी को, उनके निधन के कुछ समय बाद, पार्टी के चेयरमैन का पद औपचारिक रूप से संभाला.
बांग्लादेश में 2024 के बड़े आंदोलन के बाद पहली बार 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव हुए. इसे मुल्क की सियासत के लिए एक बड़ा पल माना जा रहा है. यह चुनाव अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की देख-रेख में कराया गया. लोगों ने दो एंगल से वोट डाला – एक नई संसद चुनने के लिए और दूसरा संविधान में प्रस्तावित बदलावों (जुलाई चार्टर) पर राय देने के लिए.
BNP नेता तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और वे अपनी दोनों सीटें (ढाका-17 और बोगुरा-6) जीत चुके हैं. दूसरी तरफ, अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिली और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो देश से बाहर हैं, उन्होंने इस चुनाव को पूरी तरह दिखावा बताया. इस चुनाव से देश की आगे की राजनीतिक दिशा और देश के नागरिकों का भविष्य तय होगा.
तारिक रहमान ने जुलूस के बजाय नमाज़ पढ़ने की अपील की
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरपर्सन तारिक रहमान ने 13वें आम चुनाव में पार्टी की भारी जीत के बाद समर्थकों से नमाज़ पढ़ने और जीत का जुलूस न निकालने की अपील की. नतीजे ऑफिशियली घोषित होने के बाद पार्टी प्रेयर महफ़िल रखेगी.
बीएनपी को दो तिहाई बहुमत
बीएनपी अनुमानों को सही साबित करता हुआ नजर आ रहा है. जमुना टीवी ने दिखाया कि उसके गठबंधन ने 209 सीटें जीतकर 300 सदस्यों वाले जातीय संसद या देश के सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया. रात भर हुई वोटों की गिनती में बहुमत हासिल करने के तुरंत बाद, पार्टी ने लोगों को धन्यवाद दिया और बधाई दी. देश और उसके लोगों की भलाई के लिए शुक्रवार को खास इबादत करने की अपील की.
छात्र नेतृत्व वाली NCP को चुनाव में झटका
बांग्लादेश के आम चुनाव में छात्र-नेतृत्व वाली छात्रों की National Citizen Party (NCP) को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली और उसने जिन 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से सिर्फ पांच पर जीत हासिल की. यह पार्टी युवा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में बनी थी, जिन्होंने पिछले साल विरोध प्रदर्शनों में अहम भूमिका निभाई थी और खुद को दो-दलीय राजनीति के विकल्प के रूप में पेश किया था.
हालांकि, चुनाव से पहले हुए सर्वे में ही संकेत मिल रहे थे कि सड़क पर मिली लोकप्रियता वोट में बदलना मुश्किल होगा. बाद में NCP ने Bangladesh Jamaat-e-Islami के साथ गठबंधन किया, जिसे आलोचकों ने उसके मूल सिद्धांतों से समझौता बताया.
BNP ने जीत का दावा किया
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने चुनाव में जीत का दावा करते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं और समर्थकों से जश्न नहीं मनाने की अपील की है. पार्टी ने कहा कि जीत का उत्सव मनाने के बजाय आज पूरे देश में समर्थक शुक्रवार की नमाज में शामिल होकर पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को याद करें. BNP के इस संदेश को संयम और राजनीतिक शिष्टाचार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने की अपील भी की है.
BNP की डबल सेंचुरी
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बड़ी जीत हासिल करते हुए अनौपचारिक नतीजों में 200 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है. शुक्रवार को जारी चुनाव आयोग के केंद्र-आधारित परिणामों के मुताबिक पार्टी अब तक 208 सीटें जीत चुकी है, जिससे उसकी सरकार बनाने की राह लगभग साफ नजर आ रही है. वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 68 सीटों पर जीत मिली है. वोटों की गिनती अभी भी जारी है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर तक 299 सीटों के आधिकारिक नतीजे घोषित किए जाने की उम्मीद है.
ढाका-13 सीट पर मतगणना में गड़बड़ी का आरोप
बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के अमीर मौलाना ममनुल हक ने Dhaka-13 सीट पर मतगणना प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बैलेट पेपर की खराब डिजाइन के कारण उनके पक्ष में पड़े हजारों वोट रद्द कर दिए गए. ममनुल हक, जो Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन समर्थित उम्मीदवार हैं, गुरुवार देर रात करीब 3 बजे इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत ढाका-13 के रिटर्निंग अधिकारी को बांग्लादेश चुनाव आयोग मुख्यालय, अगारगांव में सौंपी गई. उन्होंने मामले की जांच और स्पष्ट स्पष्टीकरण की मांग की है.
