डेस्क:राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने बुधवार को अपने चाचा अजित पवार के विमान हादसे से जुड़े हालातों पर फिर से संदेह जताया और इसे साजिश बताया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने विमानन कंपनी पर सवाल उठाए। एरो कंपनी के संचालक मनोज पवार का हवाला देते हुए एनसीपी (एसपी) नेता ने संकेत दिया कि विमान हादसा बारामती में कम दृश्यता के कारण नहीं हुआ था। रोहित पवार ने कहा अजित पवार महाराष्ट्र के एक बड़े राजनीतिक नेता थे। महाराष्ट्र के लोगों को उनके विमान हादसे पर संदेह है। हमने पिछले 13 दिनों में अपने सूत्रों के आधार पर कुछ जानकारी जुटाई है। हम इस मामले को लेकर भावुक हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मनोज पवार एरो कंपनी के संचालक हैं। उन्होंने आगे कहा कि मनोज पवार ने अजित दादा के सहायक कर्मचारियों, महाराष्ट्र विमानन निदेशक और पायलट सहित एक समूह में कहा कि दृश्यता ठीक है। वीएसआर के मालिक विजय कुमार सिंह ने कहा, ‘विमान का रखरखाव ठीक था, पायलट अनुभवी थे और दुर्घटना संभवतः दृश्यता की समस्या के कारण हुई।’ इस बयान में कुछ गड़बड़ है।
पवार ने मांग की कि जांच एजेंसियां तकनीकी लॉग और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा करें ताकि उड़ान से पहले उन पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों की पहचान की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, ‘दादा को ले जा रहे विमान से एक अलग तरह की आवाज आ रही थी और वह नीची उड़ान भर रहा था।’ जब विमान स्टॉल हुआ, तो स्टॉल मैन्युअल भी हो सकता है, या कोई यांत्रिक खराबी हो सकती है। पायलट या किसी भी व्यक्ति की यही प्रतिक्रिया होती, जैसा कि पायलट पाठक की थी। विमान का रखरखाव प्रतिदिन करना होता है। तकनीकी लॉग पर किसने हस्ताक्षर किए? हम मांग करते हैं कि जांच के दौरान दस्तावेजों की जांच की जाए।
उन्होंने बारामती में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) की कमी को भी उजागर किया और कहा कि 2023 में इसी तरह की विमान दुर्घटना की जांच समय पर की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि 2023 में मुंबई में हुए विमान हादसे से पता चलता है कि रनवे समतल था। बारामती में आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) नहीं है; मुंबई में आईएलएस होने के बावजूद भी विमान दुर्घटना हुई। आईएलएस न होने पर दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
