अंतरराष्ट्रीय

‘US ने पाकिस्तान के साथ टॉयलेट पेपर से भी बदतर व्यवहार किया’: पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा बयान

डेस्क: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपनी ही सरकार की पुरानी नीतियों और अमेरिका के साथ संबंधों पर कड़ा प्रहार किया है। संसद में एक बहस के दौरान उन्होंने बेबाक अंदाज में कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ ‘टॉयलेट पेपर से भी बदतर’ व्यवहार किया। उन्होंने स्वीकार किया कि पाकिस्तान को केवल एक मकसद के लिए इस्तेमाल किया गया और फिर कचरे की तरह फेंक दिया गया।

सैन्य तानाशाहों की ऐतिहासिक भूल

आसिफ ने पाकिस्तान के विवादित अतीत और आतंकवाद के साथ उसके जुड़ाव को सैन्य तानाशाहों की गलती बताया। उन्होंने पूर्व सैन्य शासकों—जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ—का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने इस्लाम के नाम पर नहीं, बल्कि एक महाशक्ति (अमेरिका) को खुश करने के लिए पाकिस्तान को अफगान युद्ध की आग में झोंका।

जिहाद के नाम पर गुमराह किया

रक्षा मंत्री ने एक बड़ा कबूलनामा करते हुए कहा कि अफगान संघर्षों में पाकिस्तान की भागीदारी धार्मिक कर्तव्य नहीं थी। उन्होंने माना कि हजारों पाकिस्तानियों को ‘जिहाद’ के बैनर तले लड़ने के लिए लामबंद किया गया था, जो कि पूरी तरह भ्रामक और देश की स्थिरता के लिए घातक साबित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि इस नैरेटिव को सही ठहराने के लिए देश की शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए गए, जिसके परिणाम आज भी समाज भुगत रहा है।

अतीत की गलतियों का खामियाजा भुगत रहा है पाक

ख्वाजा आसिफ ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान आज जिस आतंकवाद और कट्टरपंथ का सामना कर रहा है, वह पिछले तानाशाहों द्वारा लिए गए गलत फैसलों का ‘ब्लोबैक’ (दुष्प्रभाव) है। उन्होंने कहा, “हम अपने इतिहास को नकारते हैं और अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते। अमेरिका चला गया, लेकिन वह हमारे पीछे हिंसा, कट्टरवाद और आर्थिक चुनौतियां छोड़ गया है।”

अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं की जा सकती
मंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ देकर जो कीमत चुकाई है, वह बहुत अधिक है। उन्होंने इन गलतियों को अपूरणीय बताते हुए कहा कि इन फैसलों से देश को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।

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