
दरभंगा। मेरी व्यक्तिगत राय है इसे केवल मृत्युदंड (फांसी) मिलना चाहिए, तभी हम दरभंगा वासियों को सही मायने में न्याय मिलेगा। हमें अपने कानून और प्रशासन पर पूर्ण भरोसा है। आज दरभंगा शहर शर्मसार है। हमारी 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुआ यह अमानवीय अपराध पूरे समाज की आत्मा को झकझोर देने वाला है। आज पूरा दरभंगा सिर्फ एक मांग के साथ सड़कों पर उतरा है—न्याय। हमें डर है कि कहीं अपराधी कानूनी कमियों का फायदा उठाकर छूट न जाए। इसलिए हम प्रशासन और न्याय व्यवस्था से स्पष्ट शब्दों में मांग करते हैं कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को ऐसी कठोरतम सजा दी जाए जो समाज के लिए एक मिसाल बने। यह लड़ाई किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि हर बेटी की सुरक्षा की है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, दरभंगा की आवाज़ खामोश नहीं होगी। समाज के लोगों से भी आग्रह है कि अपने अपने समाज में आपराधिक/नशेड़ी चरित्र के लोगों को पनाह/संरक्षण न दे. यदि कोई भी समाज का लड़का नशेड़ी,चोरी,अनैतिक कार्यो में लिप्त नजर आए तो सुधारने हेतु सामाजिक बहिष्कार करें और पुलिस को खबर करें।