– मित्र-स्मृति अवधी सम्मान-2026 के तहत भेंट की गई 11 हजार रुपये की धनराशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं अवध-अवधी : विविध सन्दर्भ ग्रन्थ
– डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि को मिला अवधी लोकगीत माला सम्मान

लखनऊ। सीतापुर जिले के अवधी साहित्यकार लक्ष्मण प्रसाद मित्र की स्मृति में प्रतिवर्ष प्रदान किया जाने वाला “मित्र स्मृति अवधी सम्मान-2026” इस वर्ष अवधी के मौलिक रचनाकार और शोधकर्ता डॉ. अशोक ‘अज्ञानी’ को प्रदान किया गया। मित्र-स्मृति अवधी सम्मान-2026 के तहत उन्हें 11 हजार रुपये की धनराशि, अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं अवध-अवधी: विविध सन्दर्भ ग्रन्थ भेंट किया गया।
मुख्य अतिथि एमएलसी सीतापुर पवन सिंह चौहान ने दूरभाष के माध्यम से समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि सम्मानित साहित्यकार डॉ. अज्ञानी से अवधी पर और अधिक योगदान की अपेक्षा रहेगी। वह अवधी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। वह यथाशीघ्र अवधी के साहित्यकारों के लिए अवधी व्यंजनों का एक सहभोज आयोजित करेंगे।
समारोह के विशिष्ट अतिथि अवधी साहित्य संस्थान, अमेठी के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पाण्डेय ने अवधी के विभिन्न सोपानों पर प्रकाश डाला। वहीं, अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक डॉ. रामनरेश ने अज्ञानी की प्रेम साधना को रेखांकित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अवधी से जोड़ने की विशेष आवश्यकता है।
यूपी प्रेस क्लब, लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह का शुभारम्भ कविवर कुमार तरल की वाणी वन्दना से प्रारम्भ हुआ। इसका सफल संचालन अवधी साहित्यकार एवं पत्रकार नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान द्वारा किया गया। संस्था की संरक्षिका मनोरमा साहू, अध्यक्ष अजय साहू व सचिव डॉ. राम बहादुर मिश्र ने समारोह को सम्बोधित किया। डॉ मिश्र ने कहा कि वह हड्डी से कबड्डी खेल रहे हैं। आजकल अवधी पर बहुत कार्य हो रहा है। बस, इससे युवा पीढ़ी को जोड़ने और अधिक से अधिक गद्य लिखने की जरूरत है।
इसी कड़ी लखनऊ में स्थित भाषा विश्वविद्यालय की नव गठित अवधी शोध पीठ के समन्वयक डॉ नीरज शुक्ल ने अवधी आराधकों को विश्विद्यालय आने का न्यौता देते हुए कहा कि आप सब अवधी शोध पीठ से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठाएं। अवधी में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स करें।
इस अवसर पर डॉ. अशोक अज्ञानी की 16वीं पुस्तक “कहाँ करयँ फरियाद फलाने” का विमोचन भी हुआ। इसकी कुछ रचनाओं का सस्वर वाचन लोक गायिका डॉ. रंजना अग्रहरि द्वारा किया गया।
समारोह में अवध भारती संस्थान, हैदरगढ़ पर पीएचडी करने वाले डॉ. प्रदीप कुमार शुक्ल को अवध भारती सम्मान, लोक गायिका डॉ रंजना अग्रहरि को अवधी लोकगीत माला सम्मान दिया गया। जबकि लक्ष्मण प्रसाद मित्र के नाती अजय साहू को उमाशंकर तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया।
समारोह में कथारंग के अध्यक्ष नूतन वशिष्ठ, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ विनय दास, डॉ दयाराम मौर्य, आदित्य द्विवेदी, अमर साहित्यकार जय शंकर प्रसाद की प्रपौत्री कविता प्रसाद व पप्पू अवस्थी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
