बीमारी पुरानी है, इलाज शुरू हो चुका है,दरभंगा से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का है स्पष्ट संदेश , भ्रष्टाचार,फर्जी कागजात और पुलिस हस्तक्षेप पर सख्ती, राजस्व विभाग में जवाबदेही का नया दौर
दरभंगा। लहेरियासराय स्थित ऑडिटोरियम सह आर्ट गैलरी में आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय सुधारों की विस्तृत जानकारी देते हुए स्पष्ट कहा यह संवाद भाषण देने का मंच नहीं,बल्कि जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं को सुनने,समझने और उनका समाधान सुनिश्चित करने का माध्यम है। कार्यभार संभालते ही पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया जिससे वास्तविक फीडबैक मिल रहा है। बीमारी पुरानी है। अच्छी दवा के साथ इलाज अभी शुरू हुआ है, बीमारी ठीक होने में समय लगेगा। राजस्व मुख्यालय के सभी स्तर के अधिकारी भी इसकी जांच यानी कि व्यवस्था में जुटे हुए हैं।बीमारी जरूर ठीक होगा। मार्च तक बीमारी में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।पटना से 12 दिसंबर को शुरू हुए इस अभियान के तहत लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, गया के बाद अब दरभंगा में संवाद हुआ है।उपमुख्यमंत्री ने कहा प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र स्थापित किया गया है,जहां प्रशिक्षित ऑपरेटर तय दर पर ऑनलाइन सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। परिमार्जन, दाखिल खारिज और मापी पर सख्त समय सीमा तय कर दी गई है। नाम, पिता का नाम जैसी त्रुटियों का सुधार 15 कार्य दिवस में, खाता, खेसरा, लगान आदि तकनीकी त्रुटियां 35 कार्य दिवस में और जटिल मामलों का निष्पादन 75 कार्य दिवस में तय कर दिया गया है। अविवादित भूमि मापी 7 दिन में, विवादित भूमि की मापी 11 दिन में और रिपोर्ट अपलोड की व्यवस्था 14 दिन में तय कर दिया गया है। बिना आपत्ति दाखिल खारिज 14 दिन में (पहले 35 दिन) तय कर दिया गया है। भूमि विवाद में पुलिस हस्तक्षेप पर रोक। उन्होंने स्पष्ट कहा भूमि विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। पुलिस अब किसी भी परिस्थिति में दखल कब्जा दिलाने या निर्माण कराने में हस्तक्षेप नहीं करेगी। निर्देश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। एससी-एसटी पर्चाधारियों के लिए ऑपरेशन भूमि दखल देहानी शुरू है। पर्चाधारियों को उनकी भूमि पर वास्तविक कब्जा दिलाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पारिवारिक बंटवारा पोर्टल, ऑनलाइन नकल,वंशावली पारिवारिक बंटवारा पोर्टल से सभी हिस्सेदारों का एक साथ दाखिल खारिज शुरू है। 1 जनवरी से सत्यापित नकल केवल ऑनलाइन है। शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने की जिम्मेदारी अंचलाधिकारी को दिया गया है। फर्जी दस्तावेज पर एफआईआर अनिवार्य कर जाली कागजात देने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।इसके बाद अब तक दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कॉल सेंटर और जनसुनवाई 1800 3456 215 नं के कॉल सेंटर को जन शिकायत पोर्टल से जोड़ा गया है। इस पर बहुत शिकायतें आ रहीं हैं। विभाग शीघ्र ही एक और नंबर जारी कर फोन नहीं लगने की शिकायत दूर करेगा। सोमवार और शुक्रवार को सभी राजस्व कार्यालयों में जन सुनवाई की व्यवस्था की गई है। शनिवार को अब थाना की जगह अंचल कार्यालय में जनता दरबार, जिसमें थाना प्रभारी भी उपस्थित रहेंगे। कैथी लिपि अनुवाद के लिए विशेषज्ञ पैनल 29 विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया गया है। 220 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा भ्रष्टाचार करने वालों पर त्वरित बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है। राजस्व न्यायालय पूरी तरह ऑनलाइन अब वकील रखने की बाध्यता नहीं, आम नागरिक वहा स्वयं भी अपनी पैरवी कर सकता है।