

विगत वर्ष सीनेट में लिए गए निर्णयों के आलोक में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्राविधानों के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय के रूप में मिली मान्यता : प्रो. संजय कुमार चौधरी,कुलपति, लनामिविवि
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर नगर अवस्थित जुबली हॉल में हुए सिनेट की वार्षिक बैठक में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 13 अरब 49 करोड़ रुपये के बजट को पारित कर दिया गया। कुलपति, प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता और कुलसचिव डा. दिव्या रानी हंसदा के संचालन में वित्तीय सलाहकार इंद्र कुमार ने बजट की रूपरेखा प्रस्तुत की। रूपरेखा 10 खंडों में प्रस्तुत किया। कुलसचिव ने कहा बजट राज्य सरकार के दिए गए निर्देशों एवं विहित प्रपत्र के अनुसार तैयार किया गया है। बताया प्रस्तावित बजट में कुल अनुमानित व्यय 15 अरब 29 करोड़ 73 लाख 33 हजार 652 रुपये का प्रविधान किया गया। विवि के निजी स्रोत से प्राप्त होने वाली कुल आय एक अरब 81 करोड़ 29 लाख 16 हजार 836 रुपये अनुमानित है। इस प्रकार प्राप्त होने वाली संपूर्ण आय के सामंजन के बाद कुल 13 अरब 49 करोड़ के समेकित व्यय की मांग बजट के माध्यम से राज्य सरकार से की गई है। विश्वविद्यालय कार्यालय, पीजी विभाग, अंगीभूत कालेजों में कार्यरत शिक्षक-कर्मियों के वेतनादि मद में होने वाले वार्षिक व्यय के साथ ही एनपीएस के अंतर्गत नियोक्ता अंशदान सहित दो अरब 52 करोड़ 29 लाख 25 हजार 686 रुपये का उपबंध किया गया है। सेवानिवृत कर्मियों के लिए वार्षिक पेंशन, पारिवारिक पेंशन, अर्जित अवकाश और उपादान भुगतान के लिए तीन अरब 59 करोड़ 92 लाख 19 हजार 18 रुपये का उपबंध है। पुनरीक्षित वेतनमान मद में विभिन्न बकाया भुगतान के लिए 51 करोड़ 84 लाख 88 हजार 298 रुपये का उपबंध है, वही पेंशन बकाया, उपादान अंतर और अन्य पेंशनादि बकाया मद में 64 करोड़ 66 लाख 60 हजार 834 रुपये का उपबंध है। विश्वविद्यालय कार्यालय,पीजी विभाग एवं अंगीभूत कालेजों के अतिरिक्त मद, आउटसोर्स कर्मियों के बकाया आदि मद में दो अरब नौ करोड़ 76 लाख रुपये का उपबंध है। आकस्मिता खर्च और पीजी विभागों में चेयरों की स्थापना के लिए पांच अरब 56 करोड़ 78 लाख 86 हजार 768 रुपये, अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान के लिए 27 करोड़ 55 लाख 50 हजार रुपये, आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए छह करोड़ 24 लाख 84 हजार 648 रुपये और राजकीय डिग्री कालेजों में आउटसोर्स कर्मियों एवं अन्य मदों में 65 लाख 18 हजार चार सौ रुपये का उपबंध किया गया है। इससे पहले कुलपति, प्रो. संजय कुमार चौधरी ने अपने वार्षिक अभिभाषण में याद दिलाया के विगत वर्ष 27 जनवरी को सीनेट में कई निर्णय लिए गए थे। इसके आलोक में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्राविधानों के अनुरूप बहुविषयक शिक्षा एवं शोध विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता मिलने की बात कही थी। इस दिशा में अग्रेतर कार्य शुरू हो चुका है। इस वर्ष के अंत तक परिणाम सामने रहेगा। महिला छात्रावास और सोशल साइंस ब्लाक का निर्माण इसकी एक कड़ी है। प्रायोगिक विषयों की प्रयोगशाला को सुसज्जित व सुदृढ़ किया जा रहा है। केंद्रीय पुस्तकालय को समृद्ध किया गया है। बताया के एडवांस रिसर्च सेंटर के रिमोट सेंसिंग लैब के माध्यम से शोधार्थी अभिषेक आकर्ष और सुरभि कुमारी को दक्षिण बिहार का केंद्रीय विश्वविद्यालय गया और सोनू कुमार को पटना विश्वविद्यालय पटना से युवा भूगोलवेत्ता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल, विधायक विनय कुमार चौधरी, एमएलसी डा. मदन मोहन झा, सुजीत पासवान, डा. वैद्यनाथ चौधरी बैजू, सुरेश राय, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, डा. अमर कुमार, डा. अंजीत चौधरी, विनय कुमार झा, प्रो. अशोक कुमार मेहता, वीरेंद्र कुमार चौधरी, मीना झा, अनिल कुमार चौधरी, हरि नारायण सिंह सहित अन्य मौजूद थे।