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‘मात्रभूमि’ का हर बोल दिलाएगा इस प्रधानमंत्री की याद, कविताओं और स्पीच से जुड़ा है कनेक्शन

डेस्क: सलमान खान अभिनीत वॉर ड्रामा ‘बैटल ऑफ गलवान’ के मेकर्स ने हाल ही में फिल्म का पहला गाना ‘मातृभूमि’ रिलीज किया है। यह गाना रिलीज होते ही दर्शकों के दिलों को छू गया। फैंस को इस गाने के बोल काफी पसंद आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने के बोल कहां से आते हैं। इसकी भावनात्मक ताकत के पीछे एक खास और गहरी प्रेरणा छिपी है। इसकी पंक्तियां एक ऐसे शख्स की देन हैं, जिसकी कविताएं लोगों को हिला देती थी, जिसकी स्पीच मंच के सामने खड़े लोगों में जज्बा पैदा कर देती थी। दरअसल देशभक्ति से ओत-प्रोत यह गीत दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ओजस्वी भाषणों और कविताओं से प्रेरित है।

अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों से मिली आत्मा

‘मातृभूमि’ के बोलों में जो गरिमा, संवेदना और काव्यात्मक गहराई महसूस होती है, उसकी जड़ें अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा में हैं। उनके शब्द हमेशा देश के प्रति प्रेम, सम्मान और आत्मिक जुड़ाव को दर्शाते रहे हैं और यही भाव इस गीत में भी साफ झलकता है। समीर अनजान द्वारा लिखे गए बोल, हिमेश रेशमिया के संगीत और अरिजीत सिंह व श्रेया घोषाल की भावपूर्ण आवाज ने इस प्रेरणा को एक सशक्त संगीतात्मक रूप दिया है।

गीत के दृश्य और भावनात्मक प्रभाव

‘मातृभूमि’ में सलमान खान एक भारतीय सेना अधिकारी के रूप में नजर आते हैं, जबकि चित्रांगदा सिंह उनकी पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। गीत के दृश्य एक सैनिक के निजी और पेशेवर जीवन के बीच के संतुलन को खूबसूरती से दर्शाते हैं। घर पर परिवार के साथ बिताए गए शांत, सुकून भरे पल और दूसरी ओर गलवान घाटी के युद्ध क्षेत्र के कठोर, तनावपूर्ण दृश्य, ये दोनों समानांतर रूप से चलते हैं। यह विरोधाभास गीत को और अधिक प्रभावशाली बना देता है और सैनिकों के बलिदान को गहराई से महसूस कराता है।

फिल्म का निर्माण और संगीत रिलीज

‘बैटल ऑफ गलवान’ का निर्माण सलमान खान ने अपने प्रोडक्शन हाउस सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले किया है। फिल्म का संगीत सलमान खान फिल्म्स के म्यूजिक लेबल के अंतर्गत रिलीज किया गया है, जिसमें सोनी म्यूजिक इंडिया आधिकारिक म्यूजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर है।

फिल्म की कहानी और रिलीज डेट

फिल्म का टीजर पिछले साल दिसंबर में रिलीज हुआ था, जिसमें सलमान खान के किरदार की एक झलक दिखाई गई थी। टीजर में वह गंभीर, संयमित और दृढ़ निश्चय वाले भारतीय सेना अधिकारी के रूप में नज़र आते हैं। ऊंचाई वाले दुर्गम इलाके, बर्फीला मौसम और आमने-सामने की मुठभेड़ के दृश्य उन चुनौतियों की झलक देते हैं, जिनका सामना सैनिकों को गलवान घाटी में करना पड़ा था। यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन के बीच हुए गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इस संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के आसपास सैन्य गतिविधियां तेज कर दी गई थीं। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी यह फिल्म 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

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