अंतरराष्ट्रीय

Ukraine मुद्दे पर पुतिन ने ट्रंप के दूतों से की लंबी बातचीत

डेस्क: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन मुद्दे के समाधान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूतों से चर्चा की। रातभर चली वार्ता के दौरान क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक कार्यालय) ने इस बात पर जोर दिया कि शांति समझौते तक पहुंचने के लिए क्षेत्रीय विवाद का समाधान जरूरी है।

क्रेमलिन में यह बैठक बृहस्पतिवार को मध्यरात्रि से ठीक पहले शुरू हुई और शुक्रवार तड़के तीन बजे के बाद तक चली। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इससे कुछ घंटे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने यूरोपीय सहयोगियों की तीखी आलोचना की थी।

ज़ेलेंस्की ने कहा था कि रूस के लगभग चार वर्ष पहले शुरू किए गए आक्रमण और उसकी लगातार जारी आक्रामकता के प्रति यूरोप की प्रतिक्रिया धीमी, बिखरी हुई और अपर्याप्त रही है। उन्होंने कहा कि शांति समझौते को लेकर अमेरिका की कोशिशों के बीच यूक्रेन पुतिन के रहमो-करम पर रह गया है।
क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि यह बात एक बार फिर स्पष्ट की गई कि क्षेत्रीय मुद्दे को सुलझाए बिना दीर्घकालिक समझौता संभव नहीं है।
उशाकोव उस बैठक में शामिल थे, जिसमें ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी मौजूद थे। यह बयान रूस की उस मांग की ओर इशारा करता है, जिसके तहत यूक्रेन को अपने ही पूर्वी क्षेत्रों से सेना हटानी होगी, जिन्हें रूस ने अवैध रूप से अपने हिस्से में शामिल करने की घोषणा की है। हालांकि उन पर उसका पूरा नियंत्रण नहीं है।

जेलेंस्की ने कहा कि बृहस्पतिवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में ट्रंप से मुलाकात के बाद यह स्पष्ट है कि पूर्वी यूक्रेन में रूस के कब्जे वाली जमीन के भविष्य को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन शांति के प्रस्ताव “लगभग तैयार” हैं।
उशाकोव ने संवाददाताओं से कहा कि प्रस्तावित शांति समझौते से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात में बातचीत करेंगे।

उन्होंने बताया कि ट्रंप के दूतों ने पुतिन को ट्रंप और ज़ेलेंस्की की मुलाकात के बारे में जानकारी दी, साथ ही यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारियों के साथ पहले हुई चर्चाओं का भी उल्लेख किया। उशाकोव ने कहा कि क्रेमलिन में हुई यह बातचीत “रचनात्मक” और “उपयोगी” रही।

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