राष्ट्रीय

दिल्ली : जातिसूचक दुर्व्यवहार और हमला करने के आरोप में जामिया संकाय सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज

डेस्क:दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जामिया मिलिया इस्लामिया के एक एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग के एक कर्मचारी ने अपशब्द कहने और हमला करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के विपरीत धर्मांतरण का कोई आरोप नहीं है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘जेएमआई पॉलिटेक्निक में स्नातक शिक्षा अधिकारी रामफूल मीणा की शिकायत पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रियाजुद्दीन के खिलाफ धारा 3(आई)(आर) एससी/एसटी अधिनियम 1989 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) के तहत जामिया नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है।’’

विश्वविद्यालय ने हमले के आरोप और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को छेड़छाड़ किया हुआ बताते हुए खारिज किया है। पुलिस के एक बयान के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के ओखला इलाके में स्थित संस्थान के एक कर्मचारी ने सोमवार को सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

कर्मचारी ने आरोप लगाया कि 13 जनवरी को एसोसिएट प्रोफेसर उसकी डेस्क पर आए, आपत्तिजनक का इस्तेमाल किया और उसके साथ हिंसक व्यवहार किया। पुलिस ने बयान में कहा, ‘‘कानून के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।’’

पुलिस ने इस विवाद में धर्मांतरण के किसी भी कोण से इनकार किया है। पुलिस के बयान में कहा गया, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि शिकायतकर्ता ने जबरन धर्मांतरण के किसी भी प्रयास के संबंध में कोई आरोप नहीं लगाया है। ऐसी खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद हैं।’’

पुलिस ने मीडिया और जनता से ऐसी अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करने का आग्रह किया है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता पॉलिटेक्निक विभाग में यूडीसी है।

इस बीच, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमें अपने कर्मचारी की ओर से किसी मारपीट या जाति-आधारित घटना के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर हमले का जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। प्रवक्ता ने कहा कि ऑनलाइन प्रसारित किए जा रहे वीडियो का किसी भी कथित हमले से कोई लेना-देना नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *