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अखिल भारतीय मिथिला संघ दरभंगा के तत्वाधान में कॉमरेड भोगेन्द्र झा की पुण्यतिथि प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर मनाया

भोगेन्द्र झा का नाम सबसे पहले मैथिली में शपथ लेने वालो में नाम दर्ज है, वे गरीबों और जन जन के नेता थे आज भी उनका नाम बड़े ही अदब के साथ लिया जाता है : विनय झा (संतोष झा)

दरभंगा। कॉमरेड भोगेन्द्र झा की पुण्यतिथि अखिल भारतीय मिथिला संघ दरभंगा के तत्वाधान में संघ के अध्यक्ष, विनय कुमार झा ऊर्फ संतोष झा की अध्यक्षता में मनाया गया। अखिल भारतीय मिथिला संघ, दरभंगा के संस्थापक और 6 बार के सांसद रहे, साम्यवादी नेता महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय भोगेंद्र झा की पुण्यतिथि भोगेंद्र झा चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि कर अर्पित कर मनाया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष, विनय कुमार झा संतोष झा ने कहा 6 बार के सांसद रहते हुए भी उन्होंने अपना घर तक नहीं बनाया और भोगेन्द्र झा सबसे पहले मैथिलि में शपथ लेने वालो में उनका नाम दर्ज है वे गरीबों के नेता थे आज भी उनका नाम बड़े ही अदब के साथ लिया जाता है। युवा नेता दीपक झा ने कहा सादा जीवन उच्च विचार के प्रतिमूर्ति स्वतंत्रता सेनानी पूर्व सांसद स्व. भोगेंद्र झा जनप्रिय,लोकप्रिय साम्यवादी विचारधारा के महान नेता थें। देश के पहले नेता जिनको जनता उन्हें भोगी भगवान कहते थे। कांग्रेस नेता रमन जी झा ने कहा के भोगेन्द्र झा के पुण्यतिथि पर हम मांग करते है भोगेन्द्र झा चौक का नवीनिकरण हो और इनके नाम पर डिग्री कॉलेज की स्थापना हो, क्यूंकि शिक्षा से इनका सदैव गहरा लगाव रहा है। और मिथिला के विकास के लिए इनका बहुत प्रयास और योगदान रहा है। कार्यक्रम को सम्बोधित करने वालों में फूलबाबू टेकटरिया, उपाध्यक्ष,रामनाथ पंजीयार,मुखिया संघ अध्यक्ष मुखिया,राजीव चौधरी, पवन कुमार चौधरी,संघ के सचिव शैलेन्द्र कुमार कश्यप,कांग्रेस नेता, दिनेश गंगनानी, एआईएसएफ के पूर्व वरिष्ठ छात्र नेता अमरनाथ झा बमबम मौके पर कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संघ के प्रवक्ता, रौशन कुमार झा ने किया। फूलबाबू टेकटरिया ने कहा मैथिली भाषा को पहली बार देश के पटल पर लाने वाले और संसद में मैथिली भाषा में शपथ लेने वाले पहले व्यक्ति थे। उपाध्यक्ष, रामनाथ पंजीयार ने कहा भोगेंद्र झा जी का सपना आज भी अधुरा है कोशी हायडेम का निर्माण कि मांग अभिलंब सरकार पुरा करें। मुखिया संघ के अध्यक्ष, राजीव चौधरी ने कहा भोगेंद्र बाबू जन साधारण लोगों के नेता थे। उनका विकास के प्रति दूरगामी सोच था आज भी विकास कार्यों में उनका सुझाव सरकार में सराहनीय है। पवन कुमार चौधरी ने कहा आज वे हमलोगों के बिच नहीं हैं पर बिना भेदभाव के साथ समाज में ग़रीब बंचित शोषित दलित पिछड़ा वर्ग के साथ उनका जुड़ाव, लगाव हमेशा हमेशा के लिए याद किया जाएगा। संघ के सचिव शैलेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा मैथिली भाषा को अष्टम् अनुसुची में दर्ज करवाने का योगदान भोगेंद्र बाबू को जाता हैं भोगेंद्र बाबू कभी भी अपने सुख सुविधा को ध्यान में नहीं रखें 6 बार के सांसद होने के बाबजूद उनका अपना घर नहीं होना सादगी के प्रतिमूर्ति थे। एआईएसएफ के पूर्व वरिष्ठ छात्र नेता अमरनाथ झा बमबम ने कहा आज भोगेंद्र बाबू महामानव थे और उनका जीवन गरीबों के साथ सुख दुख में व्यतित हुआ उनके साथ रहने पर कभी भी ये महसूस नहीं हुआ एक सांसद के साथ रह रहें इतनी सादगी और सरलता हमेशा एक अभिभावक का स्नेह मिला।कांग्रेस नेता,दिनेश गंगनानी ने कहा भोगेन्द्र झा जैसे व्यक्ति बिरले ही पैदा होते हैं। वे मिथिला की पहचान और आन बान शान थे, सादगी और ईमानदारी जो उन्हें उनकी सबसे अलग पहचान उन्हें बनाती है। उनके प्रति हर पार्टी हर जाति समुदाय में आदर और सम्मान के साथ नाम लिया जाता है। मै मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करता हूँ की उनके नाम पर कॉलेज खोले जानी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संघ के प्रवक्ता रौशन कुमार झा जी ने किया। कार्यक्रम में पूर्व मुखिया चन्द्रशेखर सिंह,पूर्व पार्षद उपेन्द्र शर्मा,पंकज कुमार ठाकुर सुदरकांत झा प्रो. सुनील मिश्रा क्रांति सिंह सुनील कुमार झा कृष्णा राय संजय कुमार झा, संबल झा हुसैन मंसूरी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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