अंतरराष्ट्रीय

ईरान के ये आंकड़े बता रहे खामेनेई सरकार की बर्बरता, अब तक 4029 लोगों की हुई मौत

डेस्क: ईरान में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों को दौरान खामेनेई सरकार की बर्बरता का सच पूरी दुनिया के सामने आ रहा है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को कहा कि ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई में कम से कम 4,029 लोग मारे गए हैं। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने यह आंकड़ा दिया और कहा कि इस कार्रवाई में 26,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

एजेंसी ने बताया कि मरने वालों में 3,786 प्रदर्शनकारी, 180 सुरक्षा बल, 28 बच्चे और 35 ऐसे लोग थे जो प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। यह एजेंसी ईरान में पहले हुए अशांति के दौर में भी सही जानकारी देती रही है और हर मौत की पुष्टि के लिए जमीन पर मौजूद एक्टिविस्ट्स के नेटवर्क पर निर्भर रहती है। आशंका है कि मारे गए लोगों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। एपी स्वतंत्र रूप से इस आंकड़े की पुष्टि नहीं कर पाया है।

ईरान के विदेश मंत्री को लगा झटका

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोलने का निमंत्रण इन हत्याओं के कारण वापस ले लिया गया है। फोरम ने कहा, “हालांकि उन्हें पिछले पतझड़ में आमंत्रित किया गया था, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में ईरान में नागरिकों की दुखद मौत का मतलब है कि इस साल दावोस में ईरानी सरकार का प्रतिनिधित्व करना सही नहीं है।” अराघची ने इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि फोरम ने “झूठ और इजरायल और उसके अमेरिका स्थित एजेंटों और समर्थकों के राजनीतिक दबाव के आधार पर दावोस में मेरी उपस्थिति रद्द कर दी है।” म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन ने भी ईरानी सरकारी अधिकारियों को दिया गया निमंत्रण वापस ले लिया है।

ईरान ने नहीं दिया आंकड़ा

ईरानी अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया है। हालांकि, शनिवार को देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा था कि विरोध प्रदर्शनों में कई हजार लोग मारे गए हैं। खामेनेई ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था। यह ईरान के किसी नेता की ओर से पहला संकेत था कि 28 दिसंबर को ईरान की खराब अर्थव्यवस्था को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कितनी जानें गई हैं।

ईरान में आगे क्या होगा?

फिलहाल, ईरान में इस बात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए कुछ लोगों को मौत की सजा दी जा सकती है। ईरान दुनिया में सबसे ज्यादा मौत की सजा देने वाले देशों में से एक है। ईरान के राष्ट्रपति, उसके न्यायपालिका प्रमुख और संसद स्पीकर ने एक बयान में कहा है, “हत्यारों और देशद्रोही आतंकवादियों को सजा दी जाएगी, लेकिन जो लोग गुमराह हुए थे और आतंकवादी घटना में उनकी (प्रभावी) भूमिका नहीं थी, उन पर दया और नरमी बरती जाएगी।”

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