डेस्क: इस्राइल के होलोन में ईरान में हो रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के समर्थन में इस्राइली लोगों की रैली के दौरान एक महिला ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती हुई तस्वीर से निकली आग से सिगरेट जला रही है।
Iran Crisis: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच लगभग पांच घंटे तक बंद रहने के बाद ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र दोबारा खोल दिया है। इस अस्थायी बंद के चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को उड़ानें रद्द करनी पड़ीं या मार्ग बदलकर उड़ान भरनी पड़ी, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (FAA) की वेबसाइट पर जारी नोटिस के अनुसार, ईरान ने बुधवार शाम 5:15 बजे (ईटी) सभी उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को विशेष आधिकारिक अनुमति के साथ ईरान आने-जाने की छूट दी गई थी। यह नोटिस भारतीय समयानुसार गुरुवार तड़के करीब 3 बजे हटा लिया गया, जिसके बाद हवाई यातायात धीरे-धीरे बहाल हुआ।
फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटरडार24 के अनुसार, ईरान के हवाई क्षेत्र के खुलते ही माहान एयर, यज़्द एयरवेज और एवीए एयरलाइंस की कम से कम पांच उड़ानें सबसे पहले दोबारा परिचालन में आईं। फ्लाइटरडार24 ने बताया कि जिस समय हवाई क्षेत्र बंद किया गया, उससे एक सप्ताह पहले उसी समय ईरान के ऊपर दर्जनों नागरिक विमान उड़ान भर रहे थे।
बढ़ते तनाव के बीच लिया गया फैसला
हवाई क्षेत्र का अस्थायी बंद ऐसे समय में किया गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में हाल के वर्षों के सबसे बड़े सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनजर जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व स्थित अपने कुछ सैन्य अड्डों से कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है। ईरान ने पड़ोसी देशों को आगाह किया था कि यदि वाशिंगटन ने हमला किया तो अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात में संघर्ष क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा नागरिक विमानों के लिए बड़ा जोखिम बन गया है।
भारतीय एयरलाइंस पर भी असर
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने कहा कि ईरान के हवाई क्षेत्र के अचानक बंद होने से उसकी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं। वहीं, एयर इंडिया ने बताया कि उसकी उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया, जिससे देरी या रद्दीकरण की स्थिति बनी। रूस की एयरोफ्लोट की तेहरान जा रही एक उड़ान को भी हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद मॉस्को लौटना पड़ा।
यूरोपीय एयरलाइंस में भी सतर्कता
बुधवार को जर्मनी ने अपनी एयरलाइनों को ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश न करने की नई चेतावनी जारी की। इसके बाद लुफ्थांसा ने मध्य पूर्व में अपने उड़ान संचालन में बदलाव करते हुए ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने का फैसला किया। लुफ्थांसा ने यह भी कहा कि वह अगले सप्ताह तक तेल अवीव और अम्मान के लिए केवल दिन में उड़ानें संचालित करेगी।
इटली की आईटीए एयरवेज, जिसमें लुफ्थांसा समूह की बड़ी हिस्सेदारी है, ने भी तेल अवीव के लिए रात्रिकालीन उड़ानें अगले सप्ताह तक निलंबित करने की घोषणा की है।
एयरलाइनों ने घटाई सेवाएं
फ्लाईदुबई और तुर्की एयरलाइंस सहित कई अंतरराष्ट्रीय वाहकों ने बीते एक सप्ताह में ईरान के लिए कई उड़ानें रद्द कर दी हैं। विमानन जोखिम से जुड़ी संस्था सेफ एयरस्पेस के अनुसार, अधिकांश एयरलाइंस फिलहाल ईरानी हवाई क्षेत्र से बच रही हैं। संस्था ने चेतावनी दी है कि मौजूदा हालात आगे और सुरक्षा या सैन्य गतिविधियों की ओर इशारा कर सकते हैं, जिससे नागरिक विमानों की गलत पहचान का खतरा बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक विमान ईरान की वायु रक्षा प्रणाली द्वारा मार गिराया गया था, जिसमें सभी 176 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी।
