अंतरराष्ट्रीय

‘क्या पुतिन को भी पकड़ने का आदेश देंगे ट्रंप?’ पत्रकार के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद दिया जवाब

डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है और यह संघर्ष अब वैश्विक राजनीति की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है. अमेरिका लगातार इस युद्ध को समाप्त कराने की कोशिशों में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक ऐसा सवाल पूछा गया, जिसने अंतरराष्ट्रीय हलकों में नई बहस छेड़ दी.

फॉक्स न्यूज के वरिष्ठ व्हाइट हाउस संवाददाता पीटर डूसी ने राष्ट्रपति ट्रंप से सीधा सवाल किया कि क्या वह कभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पकड़ने के लिए सैन्य मिशन का आदेश दे सकते हैं, ठीक उसी तरह जैसे अमेरिका ने वेनेजुएला के पूर्व नेता निकोलस मादुरो के खिलाफ डेल्टा फोर्स मिशन चलाया था.

जेलेंस्की के बयान के संदर्भ में उठा सवाल

यह सवाल यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के हालिया बयान के संदर्भ में किया गया था. जेलेंस्की ने संकेत दिया था कि अगर तानाशाही शासकों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के पास ठोस विकल्प मौजूद हैं, तो अमेरिका को यह पता है कि आगे क्या कदम उठाया जाना चाहिए.
इसी बयान को आधार बनाकर ट्रंप से पूछा गया कि क्या रूस के राष्ट्रपति के खिलाफ भी कभी इस तरह की कार्रवाई संभव है.

ट्रंप का जवाब: “ऐसी जरूरत नहीं पड़ेगी”

इस सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें ऐसा कोई कदम उठाने की आवश्यकता नहीं लगती. ट्रंप ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसी स्थिति आएगी. मेरा और पुतिन का रिश्ता हमेशा अच्छा रहा है, हालांकि मौजूदा हालात से मैं बहुत निराश हूं.”

उन्होंने यह भी कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौता कराने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह प्रक्रिया उम्मीद से कहीं ज्यादा जटिल साबित हो रही है.

शांति प्रयासों को लेकर ट्रंप की नाराजगी

ट्रंप ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में आठ अलग-अलग युद्धों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है. उन्हें उम्मीद थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध भी उसी तरह सुलझ जाएगा, लेकिन हालात वैसा रूप नहीं ले पा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें जल्दी समाधान की उम्मीद थी, क्योंकि युद्ध के कारण भारी मानवीय नुकसान हो रहा है.

युद्ध की कीमत: जानें क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि केवल पिछले एक महीने में इस संघर्ष में 31,000 से अधिक लोगों की जान गई है, जिनमें बड़ी संख्या में रूसी सैनिक भी शामिल हैं.

ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध का असर रूस की अर्थव्यवस्था पर साफ तौर पर दिखने लगा है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.

उनके मुताबिक, यह संघर्ष जितना लंबा खिंचेगा, नुकसान उतना ही बढ़ता जाएगा, चाहे वह आर्थिक हो या मानवीय.

अमेरिका-रूस के बीच नया विवाद

इसी बीच अमेरिका और रूस के रिश्तों में एक और तनाव जुड़ गया है. मामला एक पुराने और खाली तेल टैंकर को लेकर सामने आया, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा दिया.

रूस ने उस टैंकर की सुरक्षा के लिए अपनी पनडुब्बी और नौसेना को तैनात कर दिया था. लेकिन बुधवार को अमेरिका ने आइसलैंड के पास अटलांटिक महासागर में उस जहाज पर नियंत्रण हासिल कर लिया.

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