डेस्क: इन दिनों भारतीय टीम में जगह नहीं बना पा रहे स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. चुनाव आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए बुलाया है. इस प्रक्रिया की शुरुआत 16 दिसंबर को हुई थी. साउथ कोलकाता के जादवपुर इलाके के कार्टजू नगर स्कूल से सोमवार को नोटिस जारी किए गए, जिसमें उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के सामने पेश होने का आदेश दिया गया.
विजय हजारे ट्रॉफी में पश्चिम बंगाल की टीम की तरफ से खेलने के कारण मोहम्मद शमी तय समय पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके. इस समय वह राजकोट में हैं. शमी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपने उपस्थित न रहने की वजह बताई थी.
उन्होंने लिखा, ‘मैं मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में 05 जनवरी 2026 को आपके कार्यालय में मेरी उपस्थिति के संबंध में प्राप्त नोटिस के संदर्भ में लिख रहा हूं. मैं आपको सम्मानपूर्वक सूचित करना चाहता हूं कि घरेलू क्रिकेट मैचों में मेरी वर्तमान भागीदारी की वजह से, मैं आधिकारिक तौर पर बंगाल राज्य टीम का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं, मैं उल्लिखित तारीख और समय पर निर्धारित सुनवाई में शामिल नहीं हो पाऊंगा.’
शमी कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन वार्ड नंबर 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं. यह क्षेत्र रासबिहारी असेंबली के अंतर्गत आता है. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले शमी लंबे समय से कोलकाता में रह रहे हैं.
चुनाव आयोग के मुताबिक शमी और उनके भाई का नाम सुनवाई सूची में एन्यूमरेशन फॉर्म में दिक्कतों की वजह से आया. ये दिक्कतें प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ-मैपिंग में गड़बड़ियों से जुड़ी हैं. शमी के मामले की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है. चुनाव वाले बंगाल के लिए फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित होगी. दिसंबर में प्रकाशित एसआईआर ड्राफ्ट रोल से 58 लाख से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं.
बता दें मोहम्मद शमी बीते साल मार्च में भारत को चैम्पियन्स ट्रॉफी का खिताब जिताने के बाद चोटिल हो गए थे. इस चोट से उबरने के बाद वह बीते कई महीनों से घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार फिटनेस के मानदंडों पर खरे उतर रहे हैं. लेकिन भारतीय टीम में फिलहाल उनकी वापसी के कोई संकेत नहीं हैं. इससे पहले माना जा रहा था कि 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही 3 मैचों की वनडे सीरीज में उनकी वापसी हो सकती है. लेकिन चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन्हें निराश कर दिया.
