मुंबई, 3 जनवरी 2026: मुंबई से दरभंगा जाने वाली अकासा एयर की फ्लाइट को आख़िरी समय में रद्द किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ़ तकनीकी या परिचालन देरी नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से कुप्रबंधन का मामला था।
फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों को न तो समय पर स्पष्ट सूचना दी गई और न ही किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था की गई। यात्रियों का आरोप है कि घंटों तक उन्हें एयरपोर्ट पर बिना किसी मदद के इंतज़ार करना पड़ा।
सबसे गंभीर आरोप एयरलाइन स्टाफ के व्यवहार को लेकर लगाए गए हैं। यात्रियों के अनुसार, पानी जैसी बुनियादी सुविधा मांगने पर भी कर्मचारियों का रवैया असंवेदनशील और अपमानजनक रहा। यात्रियों का कहना है कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, मानो पानी मांगना कोई अपराध हो।
घटना के बाद यात्रियों में भारी नाराज़गी देखी गई और कई यात्रियों ने सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी शिकायतें साझा कीं। मामले को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से हस्तक्षेप और जांच की मांग की गई है।
इस घटना ने एक बार फिर एयरलाइंस की यात्री सेवा, ज़मीनी प्रबंधन और संकट के समय मानवीय व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आशुतोष झा