डेस्क :राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि वर्दी और शारीरिक अभ्यास के बावजूद संघ कोई अर्धसैनिक संगठन नहीं है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देखकर आरएसएस के बारे में निष्कर्ष निकालने की कोशिश करना एक बड़ी भूल होगी। भागवत ने यहां प्रबुद्धजनों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज को एकजुट करने और उसमें आवश्यक गुण व सद्गुण विकसित करने का कार्य करता है, ताकि भारत दोबारा किसी विदेशी शक्ति के अधीन न जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हम वर्दी पहनते हैं, पथ संचलन करते हैं और दंड अभ्यास करते हैं। लेकिन अगर कोई इसे अर्धसैनिक संगठन समझता है तो यह भूल होगी।” उन्होंने कहा कि संघ एक अनूठा संगठन है, जिसे समझना आसान नहीं है। भागवत ने कहा, ‘‘अगर आप भाजपा को देखकर संघ को समझना चाहते हैं तो यह बहुत बड़ी गलती होगी। यही गलती तब भी होगी, जब आप विद्या भारती को देखकर संघ को समझने की कोशिश करेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि आरएसएस को जनसंघ और उसके उत्तराधिकारी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वैचारिक मूल संगठन माना जाता है।
