
दरभंगा। बिहार कुमार (प्रजापति) समन्वय समिति, शाखा दरभंगा के तत्वावधान में नरमा अलीनगर क्षेत्र में गरिमामय एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर स्वर्गीय सिंघेश्वर पंडित की श्रद्धांजलि सभा, हमारे आदर्श पूर्वज रत्नप्पा कुम्हार की 27वीं पुण्यतिथि तथा संगठन की 35 वीं वर्षगांठ एक साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष, रमेश पंडित ने की।
स्वर्गीय सिंघेश्वर पंडित के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। समाजसेवा में सक्रिय कार्यकर्ताओं को चादर, माला, मोमेंटो, मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि श्री सत्यनारायण पंडित (सीनियर कैशियर, बोम) एवं विशिष्ट अतिथि श्री संदवार कुमावत (राजस्थान) ने समाज की एकजुटता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा स्वतंत्रता के बाद से आज तक कुमार (प्रजापति/कुम्हार) समाज की राजनीति में कोई प्रभावी भागीदारी नहीं हो सकी है। यह समाज जनसंख्या की दृष्टि से कमजोर, आर्थिक रूप से पिछड़ा और आज भी परंपरागत मिट्टी-आधारित रोजगार पर निर्भर है। सरकार से माटी कला बोर्ड के गठन की वर्षों पुरानी मांग को पुनः मजबूती से उठाया गया, ताकि कुम्हार शिल्प, रोजगार और आजीविका को संरक्षण मिल सके। साथ ही समाज को अनुसूचित जनजाति अथवा समुचित संवैधानिक दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर भी गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में हरिमोहन पंडित, मुन्ना पंडित, सहदेव पंडित, उमेश पंडित, चंदेश्वर पंडित, महेंद्र पंडित, सरवन पंडित, सुजीत कुमार पंडित सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। संचालन रविंद्र पंडित ने किया। कड़ाके की ठंड में दूर-दराज से आए लोगों की सहभागिता प्रेरणादायी रही। पूर्व जिलाध्यक्ष, डॉ. राम शेख पंडित ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा के संगठन, शिक्षा, राजनीतिक चेतना ही समाज को उसका अधिकार दिला सकती है। समिति के उपसचिव
शंभू पंडित ने कहा हमारे समाज के उर्जावान कार्यकतीओं मे विगत विधानसभा चुनाव में काफी उत्साह के साथ कार्य किया गया। जिससे हम लोगो को दरभंगा जिला में साकारात्मक परिणाम मिला है। यह स्वक है राजनीतिक दलों के लिए जो राजनीतिक दल कुम्हार समाज को दर किनार व नजरअंदाज कर चलेगा कुम्हार समाज उसे हाशिए पर पहुँचाने का कार्य करेगा।