पटना:बिहार में नीतीश कुमार कैबिनेट के विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी 2026 में मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है, जिसमें जदयू के 6 और बीजेपी के 4 नए नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। खरमास खत्म होते ही इस पर औपचारिक फैसला होने की संभावना है।
फिलहाल नीतीश सरकार में कुल 26 मंत्री हैं, जबकि नियमों के अनुसार मुख्यमंत्री समेत 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी 10 पद अभी खाली हैं। एनडीए के तय फॉर्मूले के तहत इन खाली पदों को जदयू और बीजेपी के बीच बांटा जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि इस विस्तार में जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा जाएगा। जदयू की ओर से उमेश सिंह कुशवाहा, महेश्वर हजारी, शालिनी मिश्रा, नचिकेता, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम चर्चा में हैं। वहीं बीजेपी से संजय मयूख, संजीव चौरसिया, नीरज कुमार बबलू और नीतीश मिश्रा को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
मंत्रिमंडल विस्तार का मुख्य कारण कई मंत्रियों पर अतिरिक्त विभागों का बोझ माना जा रहा है। नए मंत्रियों के शामिल होने से विभागों का बेहतर बंटवारा होगा और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने की उम्मीद है।
आशुतोष झा
