डेस्क :बीएमसी चुनाव को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने मोर्चे पर रणनीतिक बढ़त बनाने में जुटे हैं। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर साफ संकेत दे दिया है कि एनसीपी (अजित पवार गुट) चुनावी मैदान में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है। उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक संतुलन, स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को प्राथमिकता दी गई है। वहीं दूसरी ओर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने ‘मुंबई मॉडल’ बुकलेट जारी कर अपने शासनकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा है। इस बुकलेट के जरिए उद्धव गुट यह संदेश देना चाहता है कि मुंबई के विकास और प्रशासन में उसका मॉडल सबसे बेहतर रहा है। बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और पारदर्शी प्रशासन को चुनावी मुद्दा बनाकर शिवसेना मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। ऐसे में बीएमसी चुनाव केवल स्थानीय निकाय का नहीं, बल्कि मुंबई की सियासी दिशा तय करने वाला बड़ा मुकाबला बनता जा रहा है।
