नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग की खबर लंबे समय से चर्चाओं में रही है। अब सरकार ने इस पर स्पष्ट जानकारी दी है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए हालात थोड़े साफ हो गए हैं।यह आयोग सीधे तौर पर बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता और पेंशन पर असर डालेगा।
1. वेतन आयोग का औपचारिक काम शुरू
सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के नियमों को मंजूरी दी और इसे 18 महीने का समय दिया ताकि आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार कर सके। इसका मतलब है कि वेतन, भत्ते और पेंशन की पूरी समीक्षा अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है।
2. लागू होने की संभावित तिथि
आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी, लेकिन कर्मचारियों को वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। यह प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग जैसी ही हो सकती है, जिसमें पहले लागू मानी गई, फिर कैबिनेट की मंजूरी और एरियर का भुगतान हुआ।
3. सैलरी में संभावित बढ़ोतरी
पिछले आयोगों के अनुभव के आधार पर, 8वें वेतन आयोग से सैलरी में 20 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी अनुमानित है। फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रहने की संभावना है। इसका मतलब न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर 30-32 हजार रुपये तक जा सकती है।
4. पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ
इस आयोग का फायदा 65 से 70 लाख पेंशनर्स को भी मिलेगा। पेंशन की गणना नए वेतन ढांचे के अनुसार की जाएगी, जिससे पेंशन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
5. महंगाई भत्ता का हाल
कर्मचारियों और पेंशनर्स का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महंगाई भत्ता (DA/DR) अब बेसिक सैलरी में जुड़ जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। DA और DR अलग से ही जारी रहेंगे।
6. वित्तीय प्रबंध
आयोग की सिफारिशें लागू होने पर सरकार ने भरोसा दिया है कि इसके लिए आवश्यक बजट और वित्तीय इंतजाम किए जाएंगे।
