पुणे:महाराष्ट्र के 2025 नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है। चुनाव परिणामों में जहां सत्तारूढ़ भाजपा-नेतृत्व वाली महायुति ने जबरदस्त बढ़त बनाई है, वहीं कई प्रमुख राजनीतिक दलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
सबसे बड़ा झटका राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को लगा है। पार्टी इस चुनाव में एक भी सीट या नगराध्यक्ष पद जीतने में नाकाम रही, जिससे राज ठाकरे की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वहीं, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT) और शरद पवार गुट की NCP का प्रदर्शन भी उम्मीदों से काफी कमजोर रहा। दोनों ही दलों को सिंगल डिजिट सीटों पर संतोष करना पड़ा, जिसे महाविकास आघाड़ी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इसके उलट, महायुति गठबंधन इस चुनाव का सबसे बड़ा गेनर बनकर उभरा है। गठबंधन ने राज्य के अधिकांश नगर निकायों में जीत दर्ज कर स्थानीय स्तर पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। भाजपा कई जगहों पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नतीजों का असर आने वाले बीएमसी और विधानसभा चुनावों पर भी देखने को मिल सकता है। विपक्षी दलों के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का संकेत है, जबकि सत्तापक्ष इसे जनता के भरोसे की पुष्टि मान रहा है।
आशुतोष झा
