
दरभंगा। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दू समाज पर हो रहे हमले और अत्याचार न केवल अमानवीय है बल्कि धार्मिक कट्टरता के नाम पर कलंक है। बांग्लादेश के हिंदू युवक दीपू दास की जिस तरह से भीड़ के बीच जिंदा जलाया गया वह वैश्विक लोकतंत्र में मनवता के नाम पर कलंक है। धार्मिक सहिष्णुता की यदि इसी तरह से अपमान किया गया तो आने वाले समय में बांग्लादेश को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद तथा लोकसभा में पार्टी सचेतक डा गोपाल जी ठाकुर ने हिंदू आस्था तथा हिन्दू समाज के साथ किए जा रहे इस तरह के अमानवी घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू दास की जिस तरह से भारी भीड़ के बीच जिंदा जलाकर जश्न मनाया गया वह इस बात को साबित करता है कि बांग्लादेश के इस तरह साम्प्रदायिक ताकते पूरी मानवता के लिए खतरा बन चुका है। सांसद ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर किए जा रहे हमले के आंकड़ों को धार्मिक तुष्टिकरण के नाम पर क्रूरता, बर्बरता का उदाहरण बताते हुए कहा कि केवल अगस्त महीने में ही दो हजार से अधिक हमले किए गए 69 मंदिरों को तोड़ा गया तथा 157 परिवार के घरों को नष्ट कर पलायन करने पर मजबूर किया गया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद टीएमसी के मदन मित्रा सपा के रामगोपाल यादव जितेन्द्र अवध आप के संजय सिंह आदि के हिन्दू विरोधी बयानों को भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए कहा सम्पूर्ण सनातन संस्कृति के आदर्श और आराध्य भगवान राम के अपमान के नाम पर अब लक्ष्मण रेखा को पार किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के टीएमसी नेता बाबर हुमायूं के बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाए जाने की सोच की जमकर निंदा करते हुए कहा इससे बड़ा हास्यास्पद और क्या हो सकता है कि जिस बाबर ने अपने ढाई साल के शासन में बंगाल की जमीन नहीं देखी आज उसके नाम पर मस्जिद बनाने की बात की जा रही है। उन्होंने भगवान राम को भारतीय मर्यादा का महानायक करार देते हुए कहा यदि इसी तरह से कांग्रेस सपा टीएमसी आप जैसे दलों के द्वारा सनातन संस्कृति का अपमान होता रहा तो। आने वाले समय में इन राजनीतिक दलों का भारत से अस्तित्व खत्म हो जाएगा।