महाराष्ट्र में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने सियासी तस्वीर साफ कर दी है। रविवार को घोषित परिणामों में महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। राज्यभर में BJP ने 100 से अधिक नगर निकायों में जीत दर्ज की है और करीब 120 स्थानों पर पार्टी के मेयर चुने गए हैं।
चुनाव परिणामों के अनुसार, BJP ने कुल 129 सीटों पर कब्जा जमाया है। इसके बाद शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) को भी कई नगर निकायों में सफलता मिली। इन नतीजों को महायुति के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत जनसमर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी (MVA) इस चुनाव में प्रभावी प्रदर्शन करने में नाकाम रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस को 34 सीटें मिलीं, शरद पवार की एनसीपी को 7 सीटों पर संतोष करना पड़ा, जबकि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना को 8 सीटों पर जीत हासिल हुई।
BJP के मेयर बनने वाले प्रमुख चेहरे
नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में BJP के कई नए चेहरे नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगे। इनमें चांदगढ़ से सुनील कावनेकर, जामनेर से साधना महाजन, सावंतवाड़ी से श्रद्धाराजे भोसले, अंबरनाथ से तेजश्री करंजुले, बार्शी से तेजस्विनी कथले, फलटण से शमशेरसिंह निंबालकर सहित कई नाम शामिल हैं। गढ़चिरौली-अरमोरी नगर परिषद में रूपेश पुणेकर मेयर बने हैं, जबकि देसाईगंज में लता सुंदरकर ने जीत दर्ज की है।
सियासी संकेत
नगर निकाय चुनावों के ये नतीजे आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। BJP की व्यापक जीत से पार्टी का शहरी क्षेत्रों में प्रभाव और मजबूत हुआ है, वहीं विपक्ष के लिए आत्ममंथन का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों ने यह साफ कर दिया है कि जमीनी राजनीति में इस बार BJP और महायुति ने बढ़त बना ली है।
- आशुतोष झा
