डेस्क :हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सर तन से जुदा वाला नारा अब भारत में नहीं चलेगा। कोर्ट ने ये टिप्पणी मौलाना तौकीर रजा मामले में चल रही सुनवाई के दौरान की। कोर्ट ने सख्त लहजे में यह साफ कर दिया है कि इस तरह की नारेबाजी किसी तरह से इंसाफ का प्रतीक नहीं मानी जा सकती। भारत में सिर्फ और सिर्फ संविधान के हिसाब से ही हर सब कुछ चलेगा। यानी भारत के कुछ मौलाना जिस तरह से इस्लाम के नाम पर कट्टरपंथ का बीज बो रहे थे, अब वो नहीं चलने वाला। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल ने कहा कि इस तरह के नारे का प्रयोग न केवल भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कार्य) के तहत दंडनीय है बल्कि यह इस्लाम के बुनियादी सिद्धांत के भी खिलाफ है।
