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लनामिवि ने रचा इतिहास, तीन पदक के साथ लहराया परचम,24 नवंबर से 5 दिसंबर तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 आयोजित किए गए

दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने राजस्थान में 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 आयोजित किए गए, जिसमें तीन पदक स्वर्ण, रजत एवं कांस्य विश्वविद्यालय के नाम रहा। महिला कबड्डी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में साहस, संघर्ष और संतुलित टीम भावना का प्रदर्शन कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। फाइनल में टीम का सामना चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से हुआ, जिसकी टीम में दो अनुभवी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल थीं। मिथिला विश्वविद्यालय की वीरांगनाओं ने हर पल मैच की दिशा को अपनी ओर मोड़ने का प्रयास करते हुए अद्भुत जुझारूपन दिखाया। अनुभव के आधार पर चंडीगढ़ टीम विजयी रही, लेकिन लनामिवि की टीम ने यह सिद्ध कर दिया कि मन में साहस और संकल्प हो, तो सीमाएँ छोटी पड़ जाती हैं। प्रतियोगिता के दौरान विश्वविद्यालय की खिलाड़ी मनीषा कुमारी घायल हो गईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है; विश्वविद्यालय परिवार उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है। एथलेटिक्स में त्रिलोक कुमार ने 5000 मीटर दौड़ में अपने अद्भुत वेग, सहनशक्ति और अंतिम क्षणों में दिखाई गई रोमांचकारी तेजी से मैदान में उपस्थित सभी दर्शकों को स्तब्ध कर स्वर्ण पदक अर्जित किया। उनका यह विजय-प्रदर्शन न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह प्रमाण भी है कि मिथिला की प्रतिभा राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान स्थापित कर रही है। 3000 मीटर स्टेपलचेज में विकास कुमार राय ने कठिन बाधाओं को पार करते हुए संतुलन, लय और दृढ़ मानसिक शक्ति का उत्कृष्ट परिचय दिया और कांस्य पदक हासिल किया। इस जीत के मौके पर कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने कहा कि हमारी महिला कबड्डी टीम का संघर्ष और प्रदर्शन सचमुच अभूतपूर्व है। उन्होंने हर चुनौती को साहसपूर्वक स्वीकार किया और यह सिद्ध किया कि मिथिला की बेटियाँ किसी भी मंच पर अपने कौशल से सिर ऊँचा कर सकती हैं। एथलेटिक्स में त्रिलोक और विकास ने जिस उत्कृष्टता का परिचय दिया है, वह विश्वविद्यालय के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बनेगा।

वित्तीय परामर्शदाता श्री इंद्र कुमार ने कहा कि कबड्डी में रजत, 5000 मीटर में स्वर्ण और स्टीपलचेज़ में कांस्य—यह तिहरी उपलब्धि विश्वविद्यालय की खेल संस्कृति को नई पहचान देने वाली है। हमारे खिलाड़ियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि मिथिला की प्रतिभा अब राष्ट्रीय मंच पर अजेय गति से आगे बढ़ रही है।

कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हांसदा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि महिला कबड्डी टीम का जुझारूपन और एथलेटिक्स में प्राप्त पदक यह बताते हैं कि हमारा विश्वविद्यालय खेल-कौशल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है। यह उपलब्धि कठोर परिश्रम, श्रेष्ठ प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयास का उत्कृष्ट उदाहरण है। पूर्व खेल पदाधिकारी एवं निदेशक, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रो. अजय नाथ झा ने कहा कि कबड्डी टीम ने केवल खेल नहीं खेला, बल्कि मिथिला की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नए सिरे से स्थापित किया है। एथलेटिक्स में मिली उपलब्धियाँ प्रतिभा के नए मार्ग खोलती हैं और यह सफलता आने वाले समय में विश्वविद्यालय की खेल संस्कृति को और समृद्ध करेगी। खेल पदाधिकारी श्री अमृत कुमार झा ने बताया कि महिला कबड्डी में मिला रजत हमारी बेटियों के अदम्य साहस और अनुशासन का प्रमाण है। एथलेटिक्स में स्वर्ण और कांस्य यह दर्शाते हैं कि हमारी रणनीति, प्रशिक्षण और सामंजस्य विश्वविद्यालय की खेल यात्रा को नए स्वर्णिम युग में प्रवेश करा चुके हैं। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय खेल परिदृश्य में विशेष प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए यह सिद्ध कर दिया है कि जब संकल्प दृढ़ हो, नेतृत्व सशक्त हो और टीम भावना चरम पर हो, तब हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और हर चुनौती सफलता में परिवर्तित हो सकती है।

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