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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: से किस तरह महिलाएं व्यवसाय में निवेश बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन रही है

जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Women employment scheme Bihar: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका से जुड़ी महिलाओं को दस-दस हजार रुपये मिलने के बाद वे इस राशि को छोटे-छोटे रोजगार में लगाकर बेहतर करने के प्रयास में जुटी हैं।कुछ पहले से कर रहीं स्वरोजगार

जीविका की महिलाएं इससे पूर्व भी कई क्षेत्रों में रोजगार कर रही हैं। समूह में जुड़कर स्वरोजगार करने के प्रति वे पूर्व से प्रशिक्षित भी हैं। छोटे-छोटे रोजगार कर भी रही हैं। गांव में परचून व किराना दुकान, बकरी पालन, मुर्गी पालन, सिलाई-कटाई, पौधशाला, दीदी की रसोई समेत दर्जनों कार्य में वे पहले से जुड़ी भी हैं।

रोजगार शुरू करने का अवसर :जो महिलाएं किसी व्यवसाय से नहीं जुड़ी हैं उनके लिए सरकार ने एक अवसर भी दिया है, जिससे वे अन्य महिलाओं की तरह आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल सकें। सुगौली की उर्मिला कहतीं हैं कि सरकार की इस सहायता छोटा ही सही व्यवसाय को आधार बनाने में सहायक साबित हो रहा है।

सिलाई मशीन खरीदने में मिली मदद :इस राशि से वह बकरी पालन करेंगी। इससे मिले लाभ को अर्जित कर इसे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगी। रामगढवा की पार्वती, सुमित्रा व सीमा देवी ने कहा कि उनकी रूचि सिलाई में है। इस कारण एक मशीन की खरीदारी कर घर से ही इस कार्य को प्रारंभ कर दिया है। इसका लाभ भी उन्हें मिलने लगा है। लंबे समय से सिलाई मशीन खरीदने की सोंच रही थी, पर राशि के अभाव में नहीं खरीद पा रही थी।

अब तक छह लाख को मिली राशि :रोजगार को लेकर महिलाओं में जागरूकता इसलिए भी अधिक है कि आगे अगर वह बेहतर करेंगी तो दो लाख रुपये तक और सहायता मिल सकता है। इस कारण पहली किस्त दस हजार का उपयोग के प्रति सजग हैं। जिले में अब तक 6,03,000 महिलाओं को कुल 603 करोड रुपये की राशि का अंतरण किया जा चुका है।

 

 

 

 

 

 

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