डेस्क : दिल्ली में हुए MCD उपचुनाव के नतीजे सामने आते ही राजधानी की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. बीजेपी ने जहां सबसे ज्यादा सीटें जीतकर अपनी बढ़त बनाए रखी है, वहीं आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी मैदान में अपनी पकड़ दिखा दी है. इस चुनाव में बीजेपी ने सात वार्ड जीतकर फिर साबित किया कि निगम में उसकी पकड़ अभी भी मजबूत है. हालांकि पार्टी के लिए सबकुछ एकतरफा जीत जैसा नहीं रहा. इस उपचुनाव में बीजेपी को दो सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा, जिनमें से एक कांग्रेस और एक ऑल इंडिया फ़ॉरवर्ड ब्लॉक के खाते में गई. बावजूद इसके बीजेपी की हाउस पर पकड़ ढीली नहीं हुई है. पार्टी के पास अब भी 250 में से 122 सीटें हैं और निगम में उसका बहुमत बरकरार है.
आप पिछली बार की तरह बड़ा उलटफेर तो नहीं कर पाई, लेकिन उसने अपनी तीन सीटें बचाए रखीं और नारायणा वार्ड में जीत दर्ज कर बीजेपी को झटका दिया. पार्टी इस नतीजे को अपने दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है क्योंकि यह उनके नेतृत्व में पहला चुनाव था.
कांग्रेस इस चुनाव में लगभग गायब सी दिख रही थी, लेकिन संगम विहार ए में सुरेश चौधरी की जीत ने पार्टी को कुछ राहत दी है. चौधरी ने करीब साढ़े तीन हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की और कहा कि यह जनता का भरोसा है जो उन्हें मिला है.
चांदनी चौक वार्ड भी चर्चा में रहा जहां बीजेपी के सुमन गुप्ता ने बाजी मार ली. वहीं AAP उम्मीदवार राम स्वरूप कनोजिया ने दक्षिणपुरी वार्ड में जीत दर्ज करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें प्यार और सम्मान दिया और वे उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे. इसके अलावा शालीमार बाग बी, ग्रेटर कैलाश और अशोक विहार जैसे वार्डों में भी मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन अंत में बीजेपी ने बढ़त बनाए रखी.
