पाकिस्तान में कुछ बहुत बड़ा होने जा रहा है। यूरोप के देश धीरे-धीरे पाकिस्तान में अपने दूतावास बंद कर रहे हैं। यह ऐसी घटना है जो बहुत असामान्य है। स्वीडन पहले ही पाकिस्तान में अपना दूतावास बंद कर चुका था।लेकिन अब भारत को ग्लोबल पावर बोलने वाले फिनलैंड ने भी पाकिस्तान में अपना दूतावास बंद करने का ऐलान कर दिया है। फ़िनलैंड ने घोषणा की है कि वह पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और म्यांमार में अपने दूतावास बंद कर रहा है। एक बयान में फ़िनलैंड के विदेश मंत्रालय ने इन देशों में बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को अपने इस फ़ैसले का मुख्य कारण बताया। बयान में यह भी कहा गया है कि फ़िनलैंड के इन देशों के साथ सीमित वाणिज्यिक और आर्थिक संबंध हैं। इसमें कहा गया है कि दिए गए परिचालन और रणनीतिक कारणों से, फ़िनलैंड के राष्ट्रपति ने इस फ़ैसले पर आगे बढ़ने का फ़ैसला किया है और दूतावासों को बंद करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।गौरतलब है कि बजट की कमी के कारण, फ़िनलैंड ने 2012 में भी पाकिस्तान में अपने दूतावास बंद कर दिए थे, लेकिन बाद में 2022 में मिशन को फिर से खोल दिया गया था। 2023 में, स्वीडन ने भी सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए राजधानी में अपने दूतावास को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया था।विदेश मंत्रालय ने 2026 में इस्लामाबाद, काबुल और यांगून स्थित फ़िनलैंड के दूतावासों को बंद करने का निर्णय लिया है। ये दूतावास परिचालन और रणनीतिक कारणों से बंद किए जाएँगे, जो इन देशों की राजनीतिक स्थिति में बदलाव और फ़िनलैंड के साथ उनके सीमित वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों से जुड़े हैं। फ़िनलैंड की विदेश मंत्री एलिनावाल्टोनन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “बंद करने का निर्णय गणराज्य के राष्ट्रपति के आदेश द्वारा लिया जाता है।
यह सब कुछ ऐसे वक्त हो रहा है जब भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सामनेएक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आप सभी को भविष्य में होने वाली किसी भी स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा। राजनाथ सिंह पिछले एक महीने से पाकिस्तानपरलगातारबयानदेरहेहैं। यहबयानअपनेआपमेंकिसीमिसाइलीहमलोंसेकमनहींहै। राजनाथसिंहदोबारबोलचुकेहैंकिपाकिस्तानकानक्शाऔरभूगोलबदलाजासकताहै। उसकेबादराजनाथसिंहनेकहाकिपाकिस्तानकासिंधप्रांतभारतमेंशामिलहोसकताहै। इसीदौरानसेनासेकहागयाकिभगवाननेचाहातोआपकोजल्दहीबड़ामौकामिलनेजारहाहै।भारत की इस खतरनाक चेतावनी के दौरान यूरोपीय देश पाकिस्तान में अपना दूतावासबंद करने लगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यूरोपीय देशों को पाकिस्तान का भविष्य क्यों नहीं दिख रहा? क्या यूरोप को ये लग रहा है कि भारत पाकिस्तान को वर्तमान में ही निपटा देगा?
