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व्याख्यान ज्ञान की मूर्त परम्परा है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक प्रयास है पूरी सृष्टि इस रस रसायन में प्रविष्ट है : डॉ. सिद्धार्थ शंकर सिंह 

दरभंगा। मिल्लत कॉलेज, दरभंगा के आई.क्यू.ए.सी. के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय वेब व्याख्यानमाला का आज ग्यारहवें दिन रसायन विभाग द्वारा रसायन विज्ञान के वर्तमान रुझान पर देश-विदेश के प्रसिद्ध विद्वतजनों ने अपना ज्ञानवर्धक वक्तव्य दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. सिद्धार्थ शंकर सिंह ने कहा यह व्याख्यान ज्ञान की मूर्त परम्परा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा पूरी सृष्टि इस रस रसायन में प्रविष्ट है। रसायन विज्ञान के शोध निष्कर्षों का परिणाम है कि हम विभिन्न प्रकार के बीमारियों की दवाएं बनाने में सफल हुए हैं।

न्यूयार्क यूनिवर्सिटी, अबु धाबी यूएई के रिसर्च एसोसिएट साइंटिस्ट डॉ. मो. अताउर रहमान ने अलडोल अभिक्रिया का स्टीरियो रसायन में भूमिका एवं महत्व को बताया। राजेंद्र कॉलेज, छपरा के सहायक प्रो. डॉ. विकास कुमार ने हरित रसायन को प्रदूषण से जोड़कर बताया। साथ ही प्रदूषण का जन-जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव की विस्तृत चर्चा की। एल. एस. कॉलेज, मुजफ्फरपुर के डॉ. मो. सिराजुल हक फैजी ने स्पेक्ट्रोस्कॉपी को एक्सआरडी के साथ जोड़कर अणु के संरचना को समझाने का प्रयास किया। पटना यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. इर्शाद अली ने ड्रग का फार्माकोलॉजिकल और उसका थेराप्यूटिक एक्टिविटी के संदर्भ में अपना व्याख्यान दिया। आईआईटी रुड़की के प्रो. प्रतीक कुमार झा ने मिथिला पेंटिंग को प्रदर्शित करते हुए रसायन विज्ञान में प्रयोग और सिद्धांत के बीच संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने ड्रग डिलीवरी के विभिन्न तरीकों और उसके अवशोषण एवं फायदों के बारे में बताया गया। रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष, डॉ. सियाराम प्रसाद चौरसिया ने कार्यक्रम का संचालन किया। भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महेश चंद्र मिश्रा ने स्वागत व्याख्यान दिया तथा रसायन विभाग के डॉ. मो. अतहर सादिक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आई.क्यू.ए.सी. के समन्वयक डॉ. वीरेंद्र कुमार मिश्रा, आयोजन समिति के सचिव डॉ. मुदस्सिर हसन भट्ट, सह समन्वयक डॉ. कीर्ति चौरसिया, डॉ. मुन्ना साह, सह समन्वयक, डॉ. जावेद अख्तर ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अंतर्राष्ट्रीय वेब व्याख्यान श्रृंखला में मिल्लत महाविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं देश-विदेश के हजारों प्रतिभागी ऑनलाइन जुड़े और लाभान्वित हुए। डॉ. मुस्तफा कमाल अंसारी, डॉ. जमशेद अहमद, डॉ. शाहनवाज आलम, डॉ. सुभाष कुमार, डॉ. निशा कुमारी, डॉ. जोहा सिद्दीकी एवं पूनम कुमारी मौजूद थी।

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