
दरभंगा। विधानसभा चुनाव 2025 के बने मिथिला से विधायक के रूप में मातृभाषा मैथिली में शपथग्रहण करने वाले विधायकों को विद्यापति सेवा संस्थान सम्मानित करेगा। यह जानकारी देते हुए संस्थान के महासचिव डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि सोमवार को मातृभाषा मैथिली में विधायक पद की शपथ लेकर हरलाखी के विधायक सुधांशु शेखर, बेनीपट्टी के विधायक विनोद नारायण झा, रूनी सैदपुर की विधायक मीना कुमारी, बिस्फी के विधायक आसिफ अहमद, मधुबनी के विधायक माधव आनंद, राजनगर के विधायक सुजीत कुमार, झंझारपुर के विधायक नीतीश मिश्रा, गौराबौड़ाम के विधायक सुजीत कुमार, बेनीपुर के विधायक प्रो विनय कुमार चौधरी, अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर, दरभंगा ग्रामीण के विधायक राजेश कुमार मंडल, दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी, हायाघाट के विधायक रामचंद्र प्रसाद, केवटी के विधायक डॉ मुरारी मोहन झा आदि ने मातृभूमि मिथिला और मातृभाषा मैथिली का मान और सम्मान बढ़ाया है। इसके लिए संस्थान की ओर से उनका सामूहिक अभिनंदन किया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष सह कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो शशिनाथ झा ने मिथिला की संस्कृति और मातृभाषा मैथिली के प्रति जन प्रतिनिधियों में बढ़ रहे उत्साह को देखते हुए उम्मीद जाहिर की कि इनकी सकारात्मक पहल से केंद्र व राज्य सरकार मिथिला एवं मैथिली के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करने के प्रति तत्पर होगी। मिथिला क्षेत्र के विधायकों द्वारा सोमवार को मैथिली में शपथ लिए जाने पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पं कमलाकांत झा ने कहा कि आज का दिन मिथिलावासी के लिए सम्मान और गौरव का एहसास करने वाला दिन है। प्रो जीवकांत मिश्र ने मैथिली में शपथ ग्रहण करने वाले विधायकों को शुभकामनायें देते हुए उम्मीद जाहिर की कि इनके नेतृत्व से मिथिला क्षेत्र का स्वर्णिम भविष्य साकार होगा और मिथिला और मैथिली के विकास की नई राहें खुलेंगी। मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने कहा विद्यापति सेवा संस्थान के अनुरोध का सम्मान करते हुए जनसेवा के महत्वपूर्ण दायित्व को ग्रहण करते समय जनप्रतिनिधियों द्वारा मातृभूमि और मातृभाषा को सम्मान दिए जाने को सराहनीय एवं सभी मिथिला क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों के लिए अनुकरणीय बताते हुए उन्हें मिली जवाबदेही की उद्देश्य पूर्ण सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी। बधाई देने वाले अन्य लोगों में साहित्यकार मणिकांत झा, डा महेंद्र नारायण राम, विनोद कुमार झा, प्रो विजय कांत झा, डा गणेश कांत झा, डा महानन्द ठाकुर, प्रो चंद्रशेखर झा बूढाभाई, दुर्गानन्द झा, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स, मणिभूषण राजू आदि शामिल थे।