New Labour Codes: भारत में श्रम क्षेत्र को सरल, आधुनिक और उद्योग अनुकूल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 21 नवंबर 2025 से नए श्रम संहिताएं लाईं हैं। अब ये नई श्रम संहिताएं देश में कार्यस्थलों की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।ये नए कोड – वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक संबंधों और व्यवसायिक सुरक्षा का उद्देश्य दशकों पुराने बिखरे हुए श्रम कानूनों को सुव्यवस्थित करना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं, दोनों के लिए एक पारदर्शी व संतुलित ढांचा तैयार करना है।
नई व्यवस्था में काम के घंटे, ओवरटाइम, नियुक्ति-निकासी, सामाजिक सुरक्षा लाभ, महिलाओं के कार्य अधिकार और वर्कप्लेस सेफ्टी जैसे मुद्दों पर साफ और कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इन सुधारों से उम्मीद है कि देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, उद्योगों में लचीलापन आएगा और कर्मचारियों को उनके हक के वेतन, सुरक्षा व सुविधाओं की गारंटी मिलेगीनई श्रम संहिताओं के लागू होने के साथ ही ओवरटाइम को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसका सीधा फायदा देशभर के कर्मचारियों को मिलेगा। नई व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर कर्मचारी निर्धारित कार्य घंटों से ज्यादा काम करते हैं, तो उन्हें उसका उचित और दोगुना भुगतान मिले।
ओवरटाइम मुआवजा :नए श्रम संहिता The Code of Wages, 2019 के मुताबिक, इसका मकसद कर्मचारियों के लिए सैलरी से जुड़े नियमों में आसानी और एक जैसापन को बढ़ावा देते हुए वर्कर्स के अधिकारों को मजबूत करना है। इसलिए मालिकों को सभी कर्मचारियों को नियमित काम के घंटों के बाद किए गए किसी भी काम के लिए नॉर्मल रेट से कम से कम दोगुना ओवरटाइम वेतन देना होगा।
काम के घंटे और ओवरटाइम इतना ही नहीं, नई श्रम संहिता के तहत, कर्मचारियों के नियमित काम के घंटे और ओवरटाइम भी निर्धारित की गई है। यानी अब से सामान्य काम के घंटे 8 घंटे या दिन और 48 घंटे या हफ्ते तक सीमित हैं। ओवरटाइम की इजाजत सिर्फ कर्मचारी की सहमति से दी जाएगी और इसका पेमेंट रेगुलर रेट से दोगुना किया जाएगा।
चार नईं श्रम संहिताएं सरकार ने अपने ऐतिहासिक फैसले में चार श्रम संहिताओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इनके जरिये 29 मौजूदा श्रम कानूनों को तर्कसंगत बनाया गया है। ये चार श्रम संहिताएं – वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता, 2020 हैं।भारत सरकार ने 4 श्रम संहिताओं की घोषणा 21 नवंबर, 2025 से लागू करने की घोषणा की है। इसे 29 मौजूदा श्रम कानूनों के स्थान पर लागू किया जा रहा है। श्रम नियमावली को मॉडर्न बनाकर, मजदूरों की भलाई को बढ़ाकर और श्रम इकोसिस्टम को काम की बदलती दुनिया के साथ जोड़कर, यह ऐतिहासिक कदम भविष्य के लिए तैयार कार्यबल और मजबूत, उद्योग-अनुकूल बनाने की नींव रखता है, जो आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधारों को आगे बढ़ाएंगे।
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