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दिल्ली ब्लास्ट केस : अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी का पुश्तैनी मकान अवैध घोषित

डेस्क : दिल्ली ब्लास्ट में शामिल आतंकियों को पनाह देने वाली अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मोहम्मद जवाद अहमद सिद्दीकी के मध्य प्रदेश के इंदौर के महू स्थित पुश्तैनी मकान का निर्माण अवैध पाया गया है। बुधवार को महू के मुकेरी मोहल्ला में मकान नंबर 1371 पर बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है । यह मकान जवाद अहमद सिद्दीकी के पिता हम्माद सिद्दीकी के नाम बताया जा रहा है।

जवाद अहमद सिद्दीकी ने शहर के मध्य मुकेरी मोहल्ला में आलीशान पांच मंजिला मकान बनाया था। 860 वर्गफीट में बने मकान में तलघर के साथ ही चार मंजिल निर्माण किया है। इसमें सामने की तरफ तीन गैलरी और 12 खिड़कियां मौजूद है। बीते कुछ समय से घर के चारों तरफ निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगा रखे हैं। मिली जानकारी के अनुसार जवाद के पिता हम्माद करीब 20 सालों तक महू शहर काजी रहे हैं। उनके निधन के पहले वर्ष 1994-95 में मकान का निर्माण किया गया था।

तीन दिन में अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाने पर छावनी परिषद इसे तोडऩे की कार्रवाई करेगी। छावनी परिषद महू के सीईओ विकास कुमार ने बताया कि बिना अनुमति किए निर्माण को हटाने की प्रक्रिया के तहत तीन नोटिस जारी किए जा चुके है। इसमें 29 साल पहले 23 दिसंबर 1996 को शो-कॉज नोटिस दिया गया था। इसके बाद 2 नवंबर 1996 को छावनी अधिनियम 1924 की धारा 185 के तहत बिना अनुमति किए निर्माण को हटाने का नोटिस थमाया गया। प्रक्रिया का आखिरी तीसरा नोटिस 27 मार्च 1997 को छावनी अधिनियम की धारा 1924 की धारा 256 के तहत नोटिस देकर मकान को तोड़ने के लिए जारी किया गया था। इसके बाद भी जवाद के परिजनों ने निर्माण नहीं हटाया। छावनी परिषद के इंजीनियर एचएस कलोया ने बताया कि तीन दिन में निर्माण नहीं हटाया गया तो छावनी परिषद मकान को तोड़ेगी।

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