डेस्क :बिहार चुनाव में ‘एक्स फैक्टर’ कही जा रही प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) 243 सदस्यीय विधानसभा में अभी तक अपना खाता नहीं खोल पाई है। पूर्व राजनीतिक रणनीतिकार द्वारा गठित यह पार्टी, बेरोज़गारी, पलायन और उद्योगों की कमी जैसे ज्वलंत मुद्दों को ज़ोरदार प्रचार अभियान के बावजूद, अपने पक्ष में वोट जुटाने में विफल रही। प्रशांत किशोर ने तीन साल तक बिहार का दौरा किया और अपनी जन सुराज पार्टी को राज्य की जड़ जमाए जाति-आधारित राजनीति के विकल्प के रूप में पेश किया।
