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सुपौल : सरकारी हेडमास्टर पर 10 लाख रुपये गबन का आरोप, स्कूल का पैसा अपने खाते में करवाया ट्रांसफर

सुपौल : जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. जिले के जीवछपुर मध्य विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात मोहन कृष्ण पर 10 लाख रुपये गबन करने का आरोप है. मामले के खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि जो पैसा स्कूल के विकास में लगना था, उस पैसे को सरकारी हेडमास्टर ने पर्सनल बैंक खाता में डलवा दिया.

हेडमास्टर के इस कारनामे का खुलासा होने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं. बताया जा रहा है कि आरोपी हेडमास्टर मोहन कृष्ण ने यह यह खेल तब किया, जब वो भीमपुर मध्य विद्यालय में तैनात। थे. यहां से तबादला होने से पहले ही उन्होंने स्कूल का सारा पैसा अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिया. भीमपुर मध्य विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव सरिता देवी ने डीईओ, डीएम, सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ, छातापुर बीईओ को आवेदन देकर गबन के इस मामले का खुलासा किया है.

जीवछपुर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक और भीमपुर मध्य विद्यालय के वित्तीय प्रभारी मोहन कृष्ण द्वारा 10 लाख से अधिक सरकारी राशि गबन करने के बाद भीमपुर मध्य विद्यालय शिक्षा समिति के सचिव सरिता देवी ने इसकी शिकायत की है. उन्होंने डीईओ, डीएम, सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ और छातापुर बीईओ को इस मामले की सूचना दी है कि किस तरीके से चालाकी पूर्वक मोहन कृष्ण ने सरकारी पैसे को अपने बैंक खाते में डालकर पचाना चाहा.

गौरतलब हो कि डीपीओ सर्व शिक्षा ने जून में जिले के सभी प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं हेतु राशि विमुक्ति के संबंध में चिट्ठी लिखी थी. जिसका पत्रांक संख्या 972 है। स्पष्ट कहा गया था कि जिले के विद्यालयों में शिक्षा सुधार के नाम पर विभिन्न मदों में खर्च किए जाने वाली बचत राशि को विभिन्न सरकारी खातों में ट्रांसफर करना है. जिसको लेकर 26 जून 2021 तक की तिथि निर्धारित की गई थी. लेकिन मध्य विद्यालय भीमपुर के वित्तीय प्रधानाध्यापक मोहन कृष्ण द्वारा जुलाई के 7 तारीख को 10 लाख 2 हज़ार 20 रुपए अपने निजी खाते में बिना किसी को जानकारी दिए अवैध रूप से ट्रांसफर करवा लिया गया था.

राशि गबन के मामले वित्तीय प्रभारी सह प्राचार्य मोहन कृष्ण ने बताया कि उन्होंने किसी राशि का गबन नहीं किया है. बताया कि विभाग का पैसा उनके पास सुरक्षित है. जब विभाग मांगेगा तो वो वापस कर देंगे। जब उनसे पूछा गया कि पैसा विभाग के खाते में वापस करना था फिर अपने अकाउंट में कैसे ट्रांसफर किये तो उनका कहना था कि विद्यालय की राशि मेरे खाते में सुरक्षित है.

इस घटना को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. पूरी जानकारी जुटाने के बाद मामले की जांच की जाएगी. जिसके बाद जांच में सही पाने पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. विद्यालय सचिव सरिता देवी ने बताया कि मध्य विद्यालय भीमपुर के वित्तीय प्रभारी सह जीवछपुर मध्य विद्यालय के प्राचार्य मोहन कृष्ण के द्वारा यह कहा गया है कि डीपीओ सर्व शिक्षा के पत्रांक 972 के 22/06/21 के आदेशानुसार विद्यालय शिक्षा समिति के खाते से सम्पूर्ण राशि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान के खाते में वापस करना है. इसीलिए वित्तीय प्रभारी के द्वारा खाते में उपलब्ध राशि का चेक भरकर हस्ताक्षर करवा लिया. निजी खाते में बिना किसी को जानकारी दिए अवैध रूप से ट्रांसफर करवा लिया गया था.

इधर, राशि गबन के मामले वित्तीय प्रभारी सह प्राचार्य मोहन कृष्ण ने बताया कि उन्होंने किसी राशि का गबन नहीं किया है. बताया कि विभाग का पैसा उनके पास सुरक्षित है. जब विभाग मांगेगा तो वो वापस कर देंगे। जब उनसे पूछा गया कि पैसा विभाग के खाते में वापस करना था फिर अपने अकाउंट में कैसे ट्रांसफर किये तो उनका कहना था कि विद्यालय की राशि मेरे खाते में सुरक्षित है.

इस घटना को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. पूरी जानकारी जुटाने के बाद मामले की जांच की जाएगी. जिसके बाद जांच में सही पाने पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. विद्यालय सचिव सरिता देवी ने बताया कि मध्य विद्यालय भीमपुर के वित्तीय प्रभारी सह जीवछपुर मध्य विद्यालय के प्राचार्य मोहन कृष्ण के द्वारा यह कहा गया है कि डीपीओ सर्व शिक्षा के पत्रांक 972 के 22/06/21 के आदेशानुसार विद्यालय शिक्षा समिति के खाते से सम्पूर्ण राशि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान के खाते में वापस करना है. इसीलिए वित्तीय प्रभारी के द्वारा खाते में उपलब्ध राशि का चेक भरकर हस्ताक्षर करवा लिया.

उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व बैंक जाने पर पता चला कि वित्तीय प्रभारी मोहन कृष्ण के द्वारा विद्यालय शिक्षा समिति के खाते से 10 लाख 2 हजार 250 रुपए अपने निजी खाते में निकासी कर ली है. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वित्तीय प्रभारी से पैसे का डिटेल मांगा तो उन्होंने देने से साफ इंकार कर दिया.

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