डेस्क :बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वक्फ अधिनियम को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद छिड़ गया है, जिसके केंद्र में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव हैं। यह मुद्दा तब गरमा गया जब राजद के विधान पार्षद कारी शोएब ने तेजस्वी यादव की मौजूदगी में एक रैली में घोषणा की कि अगर राजद सत्ता में आई तो ‘सभी विधेयकों को ध्वस्त कर दिया जाएगा’। वक्फ अधिनियम को खत्म करने के इस वादे की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी आलोचना की है, जिसने राजद पर सर्वोच्च न्यायालय का अनादर करने और राज्य में ‘जंगल राज’ को पुनर्जीवित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। भाजपा का आरोप है कि यह तुष्टिकरण की राजनीति है और इस बहस को ‘शरिया बनाम संविधान’ के रूप में पेश किया जा रहा है। राजद का कहना है कि यह अधिनियम असंवैधानिक है और उसने इसके खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया है, जिससे यह चुनाव अभियान का एक प्रमुख मुद्दा बन गया है।
