डेस्क :प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को आगाह किया कि जनसांख्यिकीय बदलाव वर्तमान में देश के सामाजिक सद्भाव के लिए घुसपैठ से भी बड़ा खतरा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा हमेशा ‘‘विविधता में एकता’’ में निहित रही है और आगाह किया कि यदि यह सिद्धांत टूट गया तो देश की ताकत कम हो जाएगी।
