राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार की ओर से सभी प्रकार के कामगारों के लिए तय न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की गई है। राज्य में अकुशल श्रमिक को 428 रुपये, अर्द्धकुशल को 444 रुपये, कुशल को 541 और अतिकुशल श्रमिक को प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी 660 रुपये होगी।इस संबंध में श्रम संसाधन विभाग द्वारा बुधवार को अधिसूचना जारी की गई। कामगारों की न्यूनतम मजदूरी की नई दर एक अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगी।अधिसूचना के मुताबिक, कामगारों की वर्तमान मजदूरी दर में क्रमशः चार रुपये, पांच रुपये और छह रुपये की वृद्धि की गई है। विभाग के अनुसार ने महंगाई भत्ता के रूप में न्यूनतम मजदूरी बढ़ायी गई है। इससे पहले अप्रैल, 2025 में न्यूनतम मजदूरी बढ़ायी गई थी। : राज्य के प्रशिक्षित युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मिलेगा रोजगार : सचिव दूसरी ओर, श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद ने बुधवार को पटना में बिहार फूड सेक्टर इंडस्ट्री मीट का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य में प्रशिक्षित युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर में गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण से बिहार खाद्य उद्योग का मजबूत केंद्र बनेगा।इतना ही नहीं, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण की पहल राज्य सरकार के एक करोड़ रोजगार सृजन के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस अवसर पर मिशन निदेशक मनीष शंकर ने मुंबई डब्बावाला के प्रतिनिधि सुबोध और सत्तूज के प्रतिनिधि सचिन के साथ समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किया। श्रमायुक्त एवं बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राजेश भारती ने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण के नए अवसर भी सृजित होंगे।चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान इंके निदेशक प्रो. राणा सिंह, रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि अमित कुमार और बिहार कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक मनीष शंकर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कुशल युवा कार्यक्रम के लिए स्कूल नेट द्वारा तैयार किए गए पाठ्यपुस्तिका का विमोचन और वेबसाइट का लांच किया गया।
