
माइग्रेशन, प्रोविजनल सर्टिफिकेट की ऑनलाइन उपलब्धता विवि द्वारा छात्र हित में निर्णय : छात्र राजद
सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलने से विश्वविद्यालय के कार्य प्रणाली में पारदर्शिता एवं छात्रों को बेबजह की परेशानियों दे राहत मिलेगी : मनीष यादव
छात्र राजद प्रदेश प्रवक्ता,मनीष यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों विशेषकर माइग्रेशन एवं प्रोविजनल सर्टिफिकेट को अब ऑनलाइन मोड में उपलब्ध कराने की पहल से छात्रों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय बताया और इस कदम से न केवल विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता,दक्षता बढ़ेगी,बल्कि छात्रों को अनावश्यक परेशानियों से भी मुक्ति मिलेगी। अब तक छात्रों को इन प्रमाण पत्रों के लिए विश्वविद्यालय के काउंटर पर घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। सुदूर ग्रामीण अंचल से आने वाले विद्यार्थियों को यातायात,समय की भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस बिच उनकी परेशानियों को देख दलाल उन्हें जल्द काम कराने और काम करा देने के बदले मोटी रकम की उगाही करते देखे जा रहे थे। जिससे उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था। लेकिन ऑनलाइन आवेदन के उपलबध हो जाने की सुविधा से अब विद्यार्थी घर बैठे ही आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे। जिससे उनके बेबजह की परेशानी,समय एवं धन दोनों की बचत होगी। छात्र राजद ने याद करते हुए कहा की संगठन ने वर्षों से विश्वविद्यालय में फैली अवैध उगाही और बिचौलियों के शोषण के खिलाफ लगातार आंदोलन किया। जिसके परिणामस्वरूप छात्रों को धीरे-धीरे भ्रष्ट तंत्र से राहत मिलने लगी है। ऑनलाइन प्रणाली की शुरुआत उस संघर्ष की आंशिक जीत देखी जा सकती है। यह कदम न केवल तकनीकी दृष्टि से उन्नत है बल्कि छात्र हितों को सर्वोपरी रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रदेश प्रवक्ता मनीष यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को आह्वान करते हुए कहा इसी प्रकार पारदर्शिता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कन्या उत्थान योजना में विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाले वेरिफिकेशन को भी डिजिटल और सरल बनाया जाए। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को कई स्तरों पर अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में भी ठोस पहल करता है तो हजारों छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। छात्र राजद ने स्पष्ट किया संगठन छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। ऑनलाइन सर्टिफिकेट उपलब्धता मात्र एक शुरुआत है, भविष्य में विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य सभी कार्य भी पूर्णतः डिजिटलीकृत किए जाने चाहिए ताकि विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी, छात्र हितैषी संस्था के रूप में स्थापित हो सके।