वार्ड 21 स्थित अंबेडकर कॉलोनी में सत्तर वर्ष रह रहे तीन दर्जन परिवारों को पूर्व पार्षद द्वारा हटाकर नगर निगम की सरकारी जमीन अतिक्रमण किया जा रहा
पीड़ित परिवारो ने किया नारेबाजी किया हक इंसाफ की मांग, मंत्री सह नगर विधायक, संजय सरावगी ने जल्द कार्यवाही का दिलाया भरोसा


दरभंगा। सत्तर वर्ष से नगर निगम के ट्रस्ट क्वार्टर में रह रहे सफाई मजदूर ने निगम की जमीन पर एक पूर्व पार्षद मो जुबैर द्वारा अतिक्रमण करने, डरा कर शेष लोगों को क्वार्टर खाली कर सौंप देने का नोटिस देने इत्यादि के बाद इनलोगो ने वार्ड पार्षद,नगर विधायक सह मंत्री एवं नगर निगम का बारी बारी से घेराव किया। मामला वार्डवार्ड 21 स्थित अंबेडकर कॉलोनी में रह रहे तीन दर्जन परिवारों 21 स्थित अंबेडकर कॉलोनी में रह रहे तीन दर्जन परिवारों से है, जो देश आजादी से पूर्व नगर निगम के ट्रस्ट क्वार्टर में रह रहे हैं। पूर्व नगर पालिका ने अपने सफाईकर्मियों हेतु यह क्वार्टर बनाया था। बताया जाता है की मार्च माह में बगल के रहनेवाले पूर्व पार्षद मो जुबैर ने ईद से कुछ दिन पूर्व रातों रात बांस बल्ला घेरकर इसके पश्चिम रास्ते, खिड़की को बंद कर दिया गया।उस पर हो रहे पानी बहाव को भी बाधित कर दिया। इन लोगों ने इस संबंध में तुरंत वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा,नगर आयुक्त से लेकर नगर थाना तक में शिकायत की लेकिन इस दौरान इसे खाली कराने की बजाय खानापूर्ति होती रही।अतिक्रमणकारी धीरे धीरे अपना पांव पसारते रहे। इस बीच अतिक्रमण किए जमीन के कुछ हिस्सा को गलत नंबर दिखाकर बिक्री भी कर दी गई और कुछ भाग का इकरारनामा बनाकर राशि भी उठा ली गई।
इधर जब कई माह तक इन महादलित परिवार के सदस्यगण उस रास्ते को खाली कराने हेतु निगम से लेकर थाना तक गुहार लगाते रहे अतिक्रमणकारी ऊंची, रसूख पैरवी, दबंगई और राजनीतिक संरक्षण की बदौलत अपने अतिक्रमण का दायरा बढ़ाते रहे। कागजी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अंततः अगस्त माह में नगर आयुक्त राकेश गुप्ता ने अपने अमीन से लेकर अंचल अमीन तक से मापी करा कर अतिक्रमणकारी को भी कई बार नोटिस दिया। आखिर में जब हर कोण से आश्वस्त हुए की यह जमीन नगर निगम का ट्रस्ट प्लॉट ही है, जिसके उत्तर पश्चिम भाग में सामुदायिक भवन, शौचालय है। पूर्व में निगम का स्टाफ क्वार्टर है, तो इसके उपरांत अतिक्रमण की जगह को चिन्हित कर खाली कराने हेतु नगर आयुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर, दरभंगा को अपने पत्रांक 2516 7 अगस्त 25 द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराने का पत्र दिया। लेकिन एक माह बाद भी इस संबंध में कोई कारवाई नही होने पर इस क्वार्टर में रहनेवाले तीन दर्जन महादलित परिवार के सदस्यगण उग्र हो गए। इस को लेकर सैंकड़ों लोग पहले वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा के आवास पर जाकर नारेबाजी किया। इन लोगों के वहां जमा होने की सूचना के बाद जो सफाईकर्मी ड्यूटी के लिए गए थे, वे भी वापस होने लगे और भीड़ बढ़ने लगी। इसके बाद पार्षद नवीन सिन्हा द्वारा संबंधित अतिक्रमण खाली कराने का आदेश, कागजात दिखाने के बाद सभी नारेबाजी करते हुए नगर विधायक सह राजस्व मंत्री संजय सरावगी के आवास पर चले गए। श्री सरावगी अपने घर पर नहीं थे। वहां से लोगों ने उनसे मोबाइल पर बात की। उन्होंने तुरंत समुचित कारवाई का आश्वासन भी दिया। लेकिन फिर भी पूर्व पार्षद मो जुबैर द्वारा उक्त स्थल को खाली कराने की धमकी से उत्तेजित महादलित परिवार नगर निगम आ गए और वहां नारेबाजी करने लगे। दोपहर में नगर आयुक्त राकेश गुप्ता आए और उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ताकर अतिक्रमित स्थल को जल्द खाली कराने हेतु दंडाधिकारी नियुक्ति के लिए एस डी ओ , सफर से मोबाइल पर बात की और सभी को आश्वस्त किया। इसके उपरांत सभी पीड़ित परिवार जल्द अतिक्रमण हटाए जाने के आश्वाशन पर वापस हुए। इस संबंध में पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि यह निगम के ट्रस्ट की जमीन है। इस पर अतिक्रमण होने के साथ ही कारवाई होनी चाहिए थी। लेकिन निगम चुप रहा। जिस कारण महादलित परिवार आक्रोशित हैं। उन्होंने कहा इस पर जल्द कारवाई हो यह प्रशासन को करना है, लेकिन निगम के महापौर महोदया की इस संबंध में चुप्पी भी तोड़नी चाहिए। क्यों उनके रहते निगम की जमीन अतिक्रमण हुआ। त्योहार की आर में रातों रात बांस बल्ला लगाकर कब्जा करना और नगर निगम का सोए रहना कहा तक उचित है।